Thursday, July 9, 2026
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मानसून में भुट्टा खा रहे हैं? जानिए डायबिटीज, एसिडिटी और पेट की समस्याओं में खाने का सही तरीका

बारिश का मौसम आते ही सड़क किनारे भुने हुए भुट्टे की खुशबू लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। मानसून में भुट्टा सबसे पसंदीदा स्नैक्स में से एक माना जाता है। स्वाद के साथ-साथ मक्का कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है, लेकिन अगर आपको डायबिटीज, एसिडिटी, गैस या पाचन संबंधी समस्याएं हैं, तो इसे सही तरीके और सही मात्रा में खाना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मक्के में फाइबर, रेसिस्टेंट स्टार्च, पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन-बी, एंटीऑक्सीडेंट्स, ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन, आंखों की सेहत और समग्र स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माने जाते हैं।

अगर आपको गैस, एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या रहती है, तो उबला हुआ भुट्टा बेहतर विकल्प माना जाता है। उबला हुआ मक्का नरम होता है और इसे पचाना अपेक्षाकृत आसान होता है। हालांकि इसे जरूरत से ज्यादा उबालने से इसमें मौजूद कुछ पोषक तत्व कम हो सकते हैं, इसलिए इसे सीमित समय तक ही पकाना उचित माना जाता है।

जिन लोगों को IBS (इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम) या संवेदनशील पाचन तंत्र की समस्या है, उन्हें एक बार में अधिक मात्रा में स्वीट कॉर्न या भुट्टा खाने से बचना चाहिए। शुरुआत में आधा भुट्टा या थोड़ी मात्रा खाकर देखें कि आपका शरीर उसे कैसे पचा रहा है।

डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस से पीड़ित लोगों के लिए उबला या स्टीम किया हुआ मक्का बेहतर विकल्प माना जाता है। भुने हुए भुट्टे की तुलना में उबले हुए मक्के का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने की संभावना कम रहती है। ऐसे लोगों को एक बार में आधा कप पका हुआ मक्का या एक छोटा भुट्टा ही खाना चाहिए और इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाना चाहिए।

अगर आपका उद्देश्य आंखों की सेहत को बेहतर रखना है, तो स्टीम किया हुआ मक्का सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें मौजूद ल्यूटिन और जेक्सैंथिन आंखों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हल्की भाप में पकाने से इन पोषक तत्वों का नुकसान भी कम होता है।

यदि आप सिर्फ स्वाद के लिए कोयले पर भुना हुआ भुट्टा खाना चाहते हैं, तो इसे सीमित मात्रा में खा सकते हैं। लेकिन उस पर जरूरत से ज्यादा मक्खन, चीज, नमक या तीखे मसाले लगाने से बचें। साथ ही भुट्टे को बहुत अधिक जलाकर या काला होने तक नहीं भूनना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित मात्रा में खाया गया भुट्टा मानसून में एक पौष्टिक और स्वादिष्ट स्नैक हो सकता है। हालांकि, जिन लोगों को मधुमेह, पाचन संबंधी बीमारी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेकर ही नियमित सेवन करना चाहिए।

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