लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए चर्चित अग्निकांड के मामले में बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। जिस इमारत में भीषण आग लगने की घटना हुई थी, उसे अब ध्वस्त किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने संबंधित भवन पर ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) का नोटिस चस्पा कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं किया गया था। भवन निर्माण में विकास प्राधिकरण के नियमों एवं मानचित्र की शर्तों की अनदेखी किए जाने के आरोप हैं। इसी आधार पर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भवन के विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय लिया है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भवन पर विधिवत ध्वस्तीकरण नोटिस चस्पा कराया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि आवश्यक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो प्राधिकरण स्वयं भवन को ध्वस्त करेगा।
एलडीए की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, 25 जुलाई को संबंधित भवन पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि अलीगंज में हुई भीषण आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। घटना के बाद भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा मानकों तथा निर्माण संबंधी अनुमतियों को लेकर कई सवाल उठे थे। इसके बाद संबंधित विभागों द्वारा जांच शुरू की गई, जिसमें भवन निर्माण से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भवन में निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है या वह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बनता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अलीगंज अग्निकांड के बाद की यह कार्रवाई राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है।
(नोट: यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा जारी नोटिस और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। यदि मामले में न्यायालय या संबंधित प्राधिकरण की ओर से कोई नया आदेश जारी होता है, तो उसके अनुसार स्थिति में परिवर्तन संभव है।)
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