उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अयोध्या में आयोजित एक जनसभा के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जो दल आज भगवान राम और आस्था की बात कर रहे हैं, वही पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर कथित नमाज़ पढ़े जाने की घटना का भी जिक्र किया और विपक्ष से इस मुद्दे पर सवाल पूछे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश पहले की सरकारों के दौरान की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज़ पढ़ने की कथित घटना हुई, जिसे लेकर उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी घटना की अनुमति क्यों दी गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग आस्थाओं के पालन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि अन्य धार्मिक स्थलों पर ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाती, तो अयोध्या जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर ऐसी कथित घटना क्यों होने दी गई। उन्होंने इसे आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए विपक्ष से जवाब मांगा।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या के विकास और आधुनिक सुविधाओं की कल्पना तक नहीं की जाती थी, लेकिन आज शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण हुआ, जिसका नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री का दावा था कि विपक्षी दल पहले ऐसे प्रोजेक्ट्स का मजाक उड़ाते थे।
राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाती थीं, जबकि भाजपा ने लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया।
मुख्यमंत्री के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब राम मंदिर से जुड़े चंदे और अयोध्या से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। भाजपा और विपक्षी दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं और इसे लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है।
फिलहाल, मुख्यमंत्री के ये आरोप उनके सार्वजनिक संबोधन में दिए गए राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से अलग राय या प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
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