दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता ने एक सरकारी स्कूल के शिक्षक की जान बचा ली। राजधानी के रानी झांसी फ्लाईओवर पर एक 45 वर्षीय सरकारी शिक्षक ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास करते हुए फ्लाईओवर से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल शिक्षक को मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए ई-रिक्शा के जरिए अस्पताल पहुंचाया, जिससे समय पर इलाज शुरू हो सका और उनकी जान बचाई जा सकी।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 8 जुलाई की शाम करीब 4 बजे की है। उस समय आजाद मार्केट चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सूचना मिली कि एक व्यक्ति रानी झांसी फ्लाईओवर से कूदने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही दोनों पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक व्यक्ति फ्लाईओवर से छलांग लगा चुका था और गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा था।
घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हालात का जायजा लिया। घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय तत्काल निर्णय लिया और पास से गुजर रहे एक ई-रिक्शा की मदद से घायल शिक्षक को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण डॉक्टरों ने तुरंत उनका उपचार शुरू किया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घायल व्यक्ति दिल्ली सरकार के एक स्कूल में शिक्षक हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया। फिलहाल उनकी हालत चिकित्सकीय निगरानी में बताई जा रही है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के इस मानवीय कदम की सराहना की जा रही है। आमतौर पर ऐसी घटनाओं में एंबुलेंस आने में समय लग सकता है, लेकिन पुलिसकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल फैसला लिया और उपलब्ध साधन से घायल को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कई बार किसी की जान बचा सकती है। इस घटना में भी ट्रैफिक पुलिस की सूझबूझ और संवेदनशीलता ने एक बड़ा हादसा टालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह घटना इस बात का भी संदेश देती है कि मानसिक तनाव या व्यक्तिगत कठिनाइयों से जूझ रहे लोगों को समय रहते अपने परिवार, मित्रों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सहायता लेनी चाहिए। कठिन परिस्थितियों में मदद उपलब्ध होती है और समय पर सहयोग जीवन बचा सकता है।
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