बिहार के वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला होमगार्ड जवान और उसकी बहन के कथित अपहरण तथा दुष्कर्म के आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। हालांकि, मामले को लेकर पीड़िता के परिजनों और पुलिस के दावों में बड़ा अंतर सामने आया है, जिसके कारण पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।
परिजनों का आरोप है कि महिला होमगार्ड और उसकी बहन बाजार से लौट रही थीं, तभी गांव के रहने वाले सुबोध पासवान अपने भाई और दो अन्य लोगों के साथ उन्हें जबरन अपने साथ ले गया। परिवार का कहना है कि महिला होमगार्ड को एक घर में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
परिजनों के अनुसार, सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के घर पर छापेमारी की और वहां से महिला होमगार्ड को बरामद कर लिया। हालांकि, छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी सुबोध पासवान मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और आरोपी की तलाश जारी है।
दूसरी ओर, पुलिस ने इस मामले को लेकर अलग पक्ष रखा है। महुआ के एसडीपीओ संजीव कुमार ने अपहरण और दुष्कर्म के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि शुरुआती जांच में मामला कथित तौर पर पुराने प्रेम संबंध और कोर्ट मैरिज से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उनके अनुसार, अब तक की जांच में अपहरण और दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है तथा मामला आपसी विवाद और कथित छेड़खानी से संबंधित नजर आ रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। मेडिकल जांच, पीड़िता के बयान और अन्य सबूतों की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। वहीं, परिजनों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी
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