Tuesday, July 28, 2026
Homeखेलकॉमनवेल्थ गेम्स में सर्वेश कुशारे का ऐतिहासिक कारनामा, हाई जंप में सिल्वर...

कॉमनवेल्थ गेम्स में सर्वेश कुशारे का ऐतिहासिक कारनामा, हाई जंप में सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय बने

भारत के स्टार हाई जंप एथलीट सर्वेश कुशारे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में 2.25 मीटर की शानदार छलांग लगाकर रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स की हाई जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय एथलेटिक्स को एक नई पहचान दिलाई है।

2.25 मीटर की छलांग ने रचा इतिहास

राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश कुशारे पूरे मुकाबले के दौरान शानदार लय में नजर आए। उन्होंने 2.25 मीटर की ऊंचाई सफलतापूर्वक पार कर दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने 2.28 मीटर की ऊंचाई पार करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

जमैका के रोमेन बेकफोर्ड भी 2.25 मीटर तक पहुंचे और 2.28 मीटर पार नहीं कर सके। हालांकि, काउंटबैक नियम के आधार पर उन्हें स्वर्ण पदक दिया गया, जबकि सर्वेश कुशारे को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता।

सर्वेश कुशारे की यह सफलता भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स की हाई जंप स्पर्धा में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तेजस्विन शंकर के नाम था, जिन्होंने वर्ष 2022 में कांस्य पदक जीता था।

अब सर्वेश कुशारे ने सिल्वर मेडल जीतकर उस रिकॉर्ड को और बेहतर बना दिया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय हाई जंप खिलाड़ी अब विश्व स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और बड़े मंचों पर पदक जीतने की क्षमता रखते हैं।

आदर्श राम ने भी किया अच्छा प्रदर्शन

भारत के एक अन्य हाई जंप खिलाड़ी आदर्श राम ने भी प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 2.15 मीटर की छलांग लगाई और प्रतियोगिता में पांचवां स्थान हासिल किया। हालांकि वे पदक से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।

तेजस्विन शंकर ने प्रतियोगिता से लिया नाम वापस

भारतीय एथलीट तेजस्विन शंकर ने भी इस स्पर्धा में हिस्सा लिया था, लेकिन उन्होंने शुरुआती प्रयास में 2.05 मीटर की ऊंचाई पार नहीं कर पाने के बाद प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया। दरअसल, उनका मुख्य लक्ष्य आगामी डेकाथलॉन स्पर्धा है, जिसकी तैयारी को देखते हुए उन्होंने जोखिम नहीं लिया।

तेजस्विन का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2.29 मीटर है और पिछले कुछ वर्षों से वह डेकाथलॉन पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।

भारत के लिए बढ़ती उम्मीदें

सर्वेश कुशारे का सिल्वर मेडल भारतीय एथलेटिक्स के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि है। हाल के वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। ऐसे नतीजे यह संकेत देते हैं कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और ओलंपिक प्रतियोगिताओं में भारत के पदकों की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का अनुभव मिलता रहा, तो भारत हाई जंप सहित कई एथलेटिक्स स्पर्धाओं में विश्व स्तर पर नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है।

निष्कर्ष

कॉमनवेल्थ गेम्स में सर्वेश कुशारे द्वारा जीता गया सिल्वर मेडल भारतीय खेल इतिहास का एक यादगार अध्याय बन गया है। हाई जंप में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनकर उन्होंने न केवल अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया, बल्कि देश के युवा खिलाड़ियों को भी बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी है। आने वाले वर्षों में उनसे और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

Loading

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!
🔴
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक लखनऊ गोमती नगर में सम्पन्न हुई • गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आम आदमी पार्टी की तिरंगा पदयात्रा • डॉ. नेहा सोलंकी को मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र