शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों के समर्थन में बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई है या जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनके मामलों की मुफ्त कानूनी पैरवी शिवसेना (UBT) की ओर से कराई जाएगी।
छात्रों को मिलेगा मुफ्त कानूनी सहयोग
मीडिया से बातचीत के दौरान आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले कई दिनों से देश के अलग-अलग शहरों में छात्र परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, इन प्रदर्शनों के बाद कई छात्रों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र को पुलिस की ओर से नोटिस मिलता है, तो वह शिवसेना (UBT) से संपर्क कर सकता है। पार्टी से जुड़े वकील ऐसे मामलों में बिना शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराएंगे।
एफआईआर वापस लेने की मांग
आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार से मांग की कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाए। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
ठाकरे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की जानी चाहिए।
इन आरोपों पर संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से क्या प्रतिक्रिया है, यह संबंधित आधिकारिक बयान आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
MH-CET परीक्षा को लेकर भी उठाए सवाल
आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार से MH-CET परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भी सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए ताकि छात्रों की चिंताओं का समाधान हो सके।
सोशल मीडिया को लेकर भी आरोप
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि परीक्षा विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट और सामग्री को हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
संजय राउत ने भी सरकार को घेरा
शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी छात्र आंदोलनों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी मुद्दों पर आवाज उठाने वाले छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
निष्कर्ष
परीक्षा से जुड़े मुद्दों और छात्र आंदोलनों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर शिवसेना (UBT) ने प्रभावित छात्रों को मुफ्त कानूनी सहायता देने का ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर एफआईआर वापस लेने की मांग भी उठाई है। अब इस पूरे मामले में सरकार और संबंधित एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
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