राजस्थान के बाड़मेर से सामने आया हाई-प्रोफाइल मामला
राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक निजी अस्पताल से जुड़ा मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर 65 वर्षीय वरिष्ठ डॉक्टर ने अपनी पूर्व नर्स पर करीब 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने, ब्लैकमेल करने और निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर गिरफ्तार नर्स ने अदालत में पेशी से पहले जारी एक वीडियो संदेश में डॉक्टर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
डॉक्टर की शिकायत में क्या है?
पुलिस के अनुसार डॉक्टर ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी नर्स वर्ष 2016 से उनके निजी अस्पताल में कार्यरत थी। डॉक्टर का आरोप है कि नौकरी के दौरान उसने उनकी निजी तस्वीरें अपने मोबाइल में सुरक्षित कर लीं और बाद में उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लगातार पैसों की मांग करने लगी।
डॉक्टर का कहना है कि अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और अस्पताल की छवि बचाने के लिए उन्होंने कई वर्षों तक आरोपी को पैसे दिए। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने डॉक्टर से खाली चेक और स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर भी करवाए। पुलिस अब बैंक खातों, चेक, स्टांप पेपर और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
नर्स ने लगाए गंभीर आरोप
अदालत में पेशी से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में आरोपी नर्स ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि डॉक्टर ने कई वर्षों के दौरान अस्पताल में आने वाली अनेक महिलाओं और कुछ महिला कर्मचारियों का यौन शोषण किया। नर्स ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी कुछ महिलाओं ने शिकायत करने की कोशिश की थी, लेकिन उनके मामले आगे नहीं बढ़ पाए।
हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां उपलब्ध सबूतों और तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
पुलिस कर रही डिजिटल और वित्तीय जांच
जांच एजेंसियां इस मामले में बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल फोन, ईमेल, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच कर रही हैं। डॉक्टर द्वारा किए गए वित्तीय लेन-देन और आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा का भी परीक्षण किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी की पृष्ठभूमि भी खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी नर्स ने वर्ष 2020 में पंचायत समिति का चुनाव भी लड़ा था। इसके अलावा पुलिस उसके पेशेवर और व्यक्तिगत रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है ताकि किसी भी तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और दावों को अंतिम सत्य न मानें। जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अधिकारियों ने कहा है कि यदि जांच में किसी भी पक्ष के आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
बाड़मेर का यह मामला अब दो अलग-अलग कानूनी पहलुओं में जांच के अधीन है। एक तरफ डॉक्टर द्वारा लगाए गए रंगदारी, ब्लैकमेल और आपराधिक धमकी के आरोप हैं, जबकि दूसरी ओर नर्स द्वारा लगाए गए यौन शोषण के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की जांच जारी है और किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम सच्चाई पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
![]()

