Friday, August 28, 2026
Homeउत्तर प्रदेश7 घंटे तक जिंदगी की जंग, बोरवेल से निकली 16 साल की...

7 घंटे तक जिंदगी की जंग, बोरवेल से निकली 16 साल की किशोरी; अस्पताल पहुंचते ही थम गई सांसें

कानपुर से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां 16 साल की एक किशोरी बोरवेल में गिर गई और करीब सात घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही। पुलिस, फायर विभाग और एनडीआरएफ की टीमों ने उसे बचाने के लिए घंटों रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। आखिरकार किशोरी को बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

यह दर्दनाक हादसा कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवा मीर गांव में हुआ। बताया जा रहा है कि एक मकान में अचानक मिट्टी धंसने की वजह से 16 वर्षीय किशोरी जमीन के अंदर चली गई और बोरवेल में फंस गई। हादसे की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस और फायर विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव अभियान को तेज किया गया। आसपास के फायर स्टेशनों से भी अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया, ताकि किशोरी को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि किशोरी जमीन के काफी नीचे बोरवेल में फंसी हुई थी। उसे सीधे बाहर निकालना संभव नहीं था। ऐसे में बचाव दल ने आसपास की जमीन की खुदाई शुरू की, ताकि किशोरी तक सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सके।

मौके पर जेसीबी मशीन की मदद से खुदाई का काम शुरू किया गया। इसके साथ ही मैनुअल सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया। बचाव दल लगातार सावधानी से आगे बढ़ रहा था, क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही मिट्टी के और धंसने का खतरा पैदा कर सकती थी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। इसके बाद पुलिस, फायर विभाग और एनडीआरएफ के जवानों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन को आगे बढ़ाया। टीमों का पूरा ध्यान किशोरी को सुरक्षित बाहर निकालने पर था।

करीब सात घंटे तक लगातार मशक्कत चलती रही। हर गुजरते मिनट के साथ परिवार और मौके पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ती जा रही थी। बचाव दल भी पूरी कोशिश कर रहा था कि किसी तरह किशोरी को जिंदा बाहर निकाला जा सके।

आखिरकार कई घंटे की मेहनत के बाद बचाव टीम किशोरी तक पहुंचने में सफल रही और उसे बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। परिवार और स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि शायद किशोरी की जान बचाई जा सकेगी।

लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद किशोरी को मृत घोषित कर दिया। सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद किशोरी को बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन उसकी जिंदगी नहीं बचाई जा सकी। इस खबर के सामने आते ही परिवार में मातम पसर गया।

इस हादसे ने एक बार फिर खुले या असुरक्षित बोरवेल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन के अंदर मौजूद ऐसे गड्ढे और बोरवेल अगर सुरक्षित तरीके से बंद या ढके न हों, तो ये किसी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। खासकर ग्रामीण और निर्माणाधीन इलाकों में ऐसी जगहों पर सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

फिलहाल हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई की और कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। हादसा किस परिस्थिति में हुआ और बोरवेल की सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम थे, इसकी भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

कानपुर के पुरवा मीर गांव में हुआ यह हादसा एक परिवार के लिए कभी न भूल पाने वाला दर्द बन गया है। सात घंटे तक उम्मीद बनी रही कि किशोरी को बचा लिया जाएगा, लेकिन आखिरकार अस्पताल में उसकी मौत की पुष्टि हो गई। इस घटना ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है और खुले बोरवेल की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है।

Loading

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!
🔴
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक लखनऊ गोमती नगर में सम्पन्न हुई • गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आम आदमी पार्टी की तिरंगा पदयात्रा • डॉ. नेहा सोलंकी को मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र