Monday, September 7, 2026
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China Masters खिताब जीतकर Satwik-Chirag ने मचाया धमाल! Asian Games से पहले मिली बड़ी जीत, बढ़ा आत्मविश्वास

भारत की स्टार बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चीन मास्टर्स सुपर 750 का खिताब जीतकर आगामी एशियाई खेलों से पहले अपना हौसला बुलंद कर लिया है। शेनझेन में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यु को तीन गेम तक चले मुकाबले में शिकस्त दी। शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद सात्विक और चिराग ने शानदार वापसी करते हुए खिताब अपने नाम किया।

फाइनल में भारतीय जोड़ी को पहले गेम में 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। चीनी जोड़ी ने शुरुआत से ही तेज और आक्रामक खेल दिखाया और सात्विक-चिराग को दबाव में रखा। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों ने पहले गेम की गलतियों से सबक लेते हुए दूसरे गेम में अपनी रणनीति बदली और मुकाबले में जबरदस्त वापसी की।

दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने 21-13 से जीत दर्ज कर मैच को बराबरी पर ला दिया। इसके बाद निर्णायक तीसरे गेम में दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा और अहम मौकों पर आसान गलतियों से बचते हुए 21-17 से गेम अपने नाम कर लिया। तीन गेम के इस मुकाबले को जीतने के साथ ही उन्होंने चीन मास्टर्स का खिताब भी अपने नाम कर लिया।

सात्विक ने मैच के बाद बताया कि उनकी जीत के पीछे पहले से तैयार की गई रणनीति पर टिके रहना अहम रहा। उन्होंने कहा कि फाइनल में उन्होंने धैर्य बनाए रखा और मैच के आखिरी पलों में आसान गलतियां नहीं कीं। उनके मुताबिक टूर्नामेंट से पहले जो योजना बनाई गई थी, उसी के अनुसार खेलने की कोशिश की गई और इस रणनीति ने निर्णायक मुकाबले में काम किया।

सात्विक के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह चोट से वापसी के बाद लगातार अपने खेल और आत्मविश्वास को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि चीन में खेलना उनके लिए हमेशा अच्छा रहा है। इससे पहले भी चोट से वापसी के बाद इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा था। इस बार खिताब जीतना उनके लिए फिटनेस और फॉर्म दोनों के लिहाज से बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

यह चीन मास्टर्स खिताब 2026 सीजन में सात्विक और चिराग की दूसरी बड़ी खिताबी जीत है। खास बात यह है कि इस प्रतियोगिता में यह उनकी पहली खिताबी सफलता है। लंबे और कड़े मुकाबलों के बीच उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में लगातार संघर्ष किया और फाइनल में भी मुश्किल स्थिति से निकलकर जीत हासिल की।

चिराग शेट्टी ने भी इस जीत को आगामी एशियाई खेलों से पहले बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों से ठीक पहले खिताब जीतना इस बात का संकेत है कि उनकी मेहनत सही दिशा में जा रही है। अब भारतीय जोड़ी स्वदेश लौटकर अगले कुछ दिनों तक अपनी तैयारियों पर पूरी तरह ध्यान देने की योजना बना रही है।

चिराग ने पहले गेम में पिछड़ने की वजह आक्रामकता की कमी को नहीं, बल्कि शॉट चयन को बताया। उनके मुताबिक भारतीय जोड़ी ऐसी शैली में खेल रही थी, जो चीनी खिलाड़ियों के लिए अनुकूल थी। जब चीनी खिलाड़ी अपनी पसंद के अंदाज में खेलने लगते हैं तो उनकी गति और आक्रामकता को संभालना मुश्किल हो जाता है। इसलिए दूसरे गेम से सात्विक और चिराग ने आक्रामकता के साथ अधिक सोची-समझी रणनीति अपनाई।

फाइनल में सात्विक की फ्लिक सर्विस भी चर्चा में रही। उन्होंने बताया कि कंधे की चोट से उबरने के दौरान उन्होंने अपनी सर्विस और रिटर्न पर काफी काम किया है। इस मेहनत का असर मुकाबले में भी देखने को मिला और उनकी सर्विस से कई अहम अंक हासिल हुए।

अब भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की नजर एशियाई खेलों पर है। सात्विक और चिराग 19 सितंबर से जापान में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेंगे। चीन मास्टर्स की यह जीत उन्हें उस बड़े मुकाबले से पहले आत्मविश्वास देगी। दोनों खिलाड़ी अब बिना अतिरिक्त दबाव के अपने खेल का आनंद लेते हुए पूरी ताकत के साथ एशियाई खेलों में उतरना चाहते हैं।

कुल मिलाकर चीन मास्टर्स में मिली यह जीत सात्विक-चिराग के लिए सिर्फ एक और ट्रॉफी नहीं, बल्कि चोट से वापसी, रणनीति पर भरोसे और मुश्किल मुकाबलों में धैर्य बनाए रखने का नतीजा भी है। एशियाई खेलों से ठीक पहले मिली यह सफलता भारतीय जोड़ी के लिए निश्चित तौर पर बड़ा मनोबल बढ़ाने वाली साबित होगी।

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