शतरंज की बाजी कई बार सिर्फ बोर्ड पर नहीं, बल्कि घड़ी पर भी तय होती है। ऐसा ही रोमांचक नजारा Global Chess League के तीसरे दिन देखने को मिला, जब APL Pipers के Magnus Carlsen और Alaska Knights के पांच बार के विश्व चैंपियन Viswanathan Anand आमने-सामने थे। मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका था, लेकिन कुछ ही सेकंड में घड़ी ने पूरा खेल बदल दिया। आनंद ने अपनी चाल तो चल दी, लेकिन समय पर अपनी घड़ी दबाना भूल गए। देखते ही देखते उनका समय खत्म हो गया और Carlsen को जीत मिल गई।
शतरंज में किसी खिलाड़ी का निर्धारित समय खत्म होने के कारण मुकाबला हार जाना ‘Flagging’ कहलाता है। जब खिलाड़ी की घड़ी शून्य पर पहुंच जाती है और वह तय समय के भीतर अपनी चाल पूरी नहीं कर पाता, तो सामान्य परिस्थितियों में मुकाबला वहीं समाप्त हो जाता है। आनंद और कार्लसन के मुकाबले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। बोर्ड पर स्थिति काफी जटिल थी और दोनों खिलाड़ी बेहद कम समय में चालें चल रहे थे। ऐसे में एक छोटी-सी तकनीकी चूक आनंद पर भारी पड़ गई।
मैच के बाद आनंद ने खुद स्वीकार किया कि वह घड़ी पर ध्यान देना भूल गए थे। उन्होंने बताया कि कुछ चाल पहले उनके पास Carlsen की तुलना में कुछ सेकंड ज्यादा समय था, इसलिए उनका ध्यान समय प्रबंधन पर नहीं गया। उन्हें उम्मीद थी कि चाल चलने के बाद उन्हें अतिरिक्त समय मिल जाएगा, लेकिन चाल चलने के बाद घड़ी दबाना भूल गए। जब तक उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, तब तक उनका समय समाप्त हो चुका था। आनंद ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, हालांकि उन्होंने राहत जताई कि उनकी टीम आखिरकार मुकाबला जीतने में सफल रही।
दूसरी ओर Magnus Carlsen ने भी इस अप्रत्याशित जीत पर प्रतिक्रिया दी। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी के मुताबिक, मध्य खेल में आनंद ने काफी मजबूत बचाव किया था और मुकाबले को बिगड़ने नहीं दिया। दोनों खिलाड़ियों के पास समय बेहद कम बचा था और Carlsen को भी लग रहा था कि बाजी शायद बराबरी पर खत्म हो जाएगी। तभी उनकी नजर अचानक आनंद की घड़ी पर पड़ी और उन्होंने देखा कि आनंद का समय समाप्त हो चुका है। इस तरह बोर्ड पर निर्णायक बढ़त के बजाय घड़ी ने Carlsen को जीत दिला दी।
तीसरे दिन Carlsen ने एक और मुकाबले में सुर्खियां बटोरीं। APL Pipers के American Gambits के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के चुनौतीकर्ता Jakhongir Sindarov के खिलाफ शुरुआती चरण में तीसरी चाल पर F6 की अप्रत्याशित चाल चली। हालांकि यह मुकाबला अंत में ड्रॉ रहा। Carlsen ने बताया कि यह विचार मूल रूप से उनके प्रशिक्षक की ओर से आया था और शुरुआत में उनसे यह चाल गलती से चली गई थी। बाद में उन्हें लगा कि इस स्थिति में संभावनाएं हैं और कंप्यूटर विश्लेषण की मदद से ऐसी चाल को व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।
बेंगलुरु में चल रही Global Chess League में दर्शकों की जबरदस्त मौजूदगी ने भी Carlsen को प्रभावित किया। उन्होंने भारत में शतरंज को लेकर लोगों के उत्साह की तारीफ की और कहा कि यहां खेलना उन्हें काफी पसंद आ रहा है। भारत में शतरंज की लोकप्रियता को देखते हुए Carlsen ने भविष्य में भी यहां आकर इस माहौल का अनुभव करने की इच्छा जताई।
तीसरे दिन APL Pipers को Alaska Knights के खिलाफ 9-7 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बाद टीम ने American Gambits को 15-3 से हराकर शानदार वापसी की। Mumbai Masters ने Ganga Grandmasters को 12-3 से मात दी, जबकि Triveni Continental Kings ने Alaska Knights को 11-6 से हराकर प्रतियोगिता में अपनी पहली जीत दर्ज की।
तीसरे दिन के बाद APL Pipers 9 अंकों के साथ तालिका में सबसे ऊपर है। Mumbai Masters, American Gambits और Alaska Knights के खाते में 6-6 अंक हैं। वहीं Ganga Grandmasters और Triveni Continental Kings के पास 3-3 अंक हैं। मंगलवार को चौथे दिन Ganga Grandmasters और Alaska Knights, American Gambits और Mumbai Masters, Triveni Continental Kings और APL Pipers के बीच मुकाबले होंगे। इसके अलावा American Gambits और Alaska Knights भी आमने-सामने होंगे। इस लीग में जहां खिलाड़ियों की रणनीति और चालें अहम हैं, वहीं आनंद और Carlsen का मुकाबला यह भी दिखा गया कि कुछ सेकंड की लापरवाही पूरी बाजी का नतीजा बदल सकती है।
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