लंदन में कथित तौर पर दो अपार्टमेंट्स को लेकर उठे विवाद के बीच ईरानी दूतावास ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत में ईरानी दूतावास ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के पास लंदन में इजरायली दूतावास के सामने दो अपार्टमेंट हैं। ये दावे ब्रिटिश अखबार ‘द संडे टाइम्स’ समेत कई मीडिया आउटलेट्स की रिपोर्टों में सामने आए थे। हालांकि, ईरानी दूतावास ने इन दावों को “पूरी तरह बेबुनियाद” बताया है।
दूतावास ने कहा कि अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के पास, उनके सम्मानित पिता की तरह ही, न तो ईरान के अंदर और न ही देश के बाहर कोई संपत्ति है। दूतावास के मुताबिक, ईरानी लोग उनकी सादगी भरी और दिखावे से दूर जीवनशैली के बारे में अच्छी तरह जानते हैं। इसी आधार पर दूतावास ने लंदन में संपत्ति होने से जुड़े दावों को पूरी तरह गलत बताया है।
दरअसल, ब्रिटिश मीडिया में सामने आई रिपोर्टों में लंदन के एक पॉश इलाके में स्थित दो अपार्टमेंट्स को मोजतबा खामेनेई से कथित तौर पर जोड़ा गया था। बताया गया कि ये संपत्तियां इजरायली दूतावास के सामने स्थित हैं। संपत्तियों की लोकेशन और कथित कीमत को लेकर रिपोर्टों में कई तरह के दावे किए गए, जिसके बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।
ईरानी दूतावास ने इन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के बेबुनियाद दावे मोजतबा खामेनेई के जीवन और व्यक्तित्व की गलत छवि पेश करने के उद्देश्य से किए जाते हैं। दूतावास का कहना है कि ईरानी जनता ऐसे दावों पर भरोसा नहीं करती और उनके सादगीपूर्ण जीवन से अच्छी तरह परिचित है।
दूतावास ने अपने बयान में मोजतबा खामेनेई के प्रति ईरानी लोगों के समर्थन का भी जिक्र किया। बयान के मुताबिक, ईरानी लोग उनके सादे जीवन और उनके प्रति प्रेम और लगाव के कारण लगातार 190 रातों से उनके समर्थन में सड़कों पर उतर रहे हैं। दूतावास ने इसे उनके प्रति जनता के विश्वास और समर्थन से जोड़कर पेश किया।
लंदन के कथित अपार्टमेंट्स का मामला इसलिए भी सुर्खियों में आया क्योंकि इनकी लोकेशन इजरायली दूतावास के बेहद करीब बताई गई है। रिपोर्टों में संपत्तियों की खरीद और स्वामित्व से जुड़े अलग-अलग दावे किए गए हैं। हालांकि, इन दावों पर ईरानी दूतावास का आधिकारिक रुख साफ है कि मोजतबा खामेनेई के नाम ईरान या विदेश में कोई संपत्ति नहीं है।
इस पूरे विवाद में फिलहाल दो अलग-अलग दावे सामने हैं। एक ओर ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्टों में लंदन की इन संपत्तियों को मोजतबा खामेनेई से कथित तौर पर जोड़ा गया है, जबकि दूसरी ओर भारत स्थित ईरानी दूतावास ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। दूतावास ने इसे उनके खिलाफ गलत धारणा बनाने की कोशिश बताया है।
अब इस मामले में आगे आने वाली जानकारी पर नजर रहेगी कि इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज क्या कहते हैं और ब्रिटिश मीडिया में किए गए दावों को लेकर आगे कोई नया तथ्य सामने आता है या नहीं। फिलहाल ईरानी दूतावास ने मोजतबा खामेनेई की विदेशों में संपत्ति होने के दावों को स्पष्ट शब्दों में नकार दिया है।
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