Tuesday, September 8, 2026
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KGMU में World Physiotherapy Day पर CME, स्वतंत्र फिजियोथेरेपी विभाग के गठन पर जोर

लखनऊ। World Physiotherapy Day के अवसर पर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के कलाम सेंटर में CME कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फिजियोथेरेपी के महत्व, सर्जरी के बाद मरीजों के रिहैबिलिटेशन, खेलों के दौरान होने वाली शोल्डर इंजरी से बचाव और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में फिजियोथेरेपी की भूमिका पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। इस दौरान KGMU में स्वतंत्र फिजियोथेरेपी विभाग के गठन की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानन्द और विशिष्ट अतिथि प्रो. के.के. सिंह, डीन, एलाइड एंड हेल्थ साइंसेज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में चिकित्सकों, फिजियोथेरेपिस्टों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।

World Physiotherapy Day पर फिजियोथेरेपी की आधुनिक भूमिका पर चर्चा

CME कार्यक्रम का उद्देश्य फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ मरीजों के उपचार और पुनर्वास में इसकी बढ़ती भूमिका को सामने लाना रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में फिजियोथेरेपी केवल चोट के बाद होने वाले उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि सर्जरी के बाद रिकवरी, शारीरिक क्षमता की बहाली, दर्द प्रबंधन और बेहतर जीवन गुणवत्ता में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

कंधे की सर्जरी के बाद Rehabilitation पर डा. योगेश माध्यान ने दी जानकारी

कार्यक्रम में डा. योगेश माध्यान, वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट, अपोलो हॉस्पिटल ने कंधे की चोट अथवा सर्जरी के बाद मरीजों के Rehabilitation और Physiotherapy से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी।

उन्होंने मरीज की स्थिति के अनुसार रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया, व्यायाम और फिजियोथेरेपी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद मरीज को सामान्य शारीरिक गतिविधियों में वापस लाने के लिए व्यवस्थित पुनर्वास प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है।

विशेषज्ञ ने इस बात पर जोर दिया कि उचित चिकित्सकीय सलाह और विशेषज्ञ की निगरानी में किया गया रिहैबिलिटेशन मरीज की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Sports Injury और Shoulder Injury से बचाव पर विशेषज्ञों ने किया जागरूक

डा. अभिषेक चौधरी, स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ ने खेलों के दौरान होने वाली Shoulder Injury पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने खिलाड़ियों में कंधे की चोट के संभावित कारणों, उससे बचाव के उपायों और खेल गतिविधियों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने खिलाड़ियों के लिए उचित वार्म-अप, सही खेल तकनीक, प्रशिक्षण के दौरान सावधानी और चोट की स्थिति में समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सही समय पर शुरू किया गया Rehabilitation खिलाड़ियों को सुरक्षित तरीके से अपनी खेल गतिविधियों में लौटने में मदद कर सकता है।

1951 में हुई थी World Confederation of Physical Therapy की स्थापना

कार्यक्रम में डा. अरविन्द कुमार ने World Physiotherapy Day के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1951 में यूनाइटेड किंगडम में World Confederation of Physical Therapy का गठन किया गया था। इसी ऐतिहासिक संदर्भ में फिजियोथेरेपी के प्रति वैश्विक जागरूकता, एकजुटता और इसके महत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से World Physiotherapy Day मनाया जाता है।

उन्होंने KGMU के विभिन्न विभागों में संचालित Physiotherapy Services और पीएमआर विभाग में चल रहे डिग्री एवं डिप्लोमा फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रमों की जानकारी भी साझा की।

डा. अरविन्द कुमार ने KGMU में फिजियोथेरेपी सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए स्वतंत्र फिजियोथेरेपी विभाग की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया।

KGMU में स्वतंत्र Physiotherapy Department के गठन का आश्वासन

KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानन्द ने World Physiotherapy Day के अवसर पर उपस्थित सभी फिजियोथेरेपिस्टों और विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में फिजियोथेरेपी की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। मरीजों के उपचार के साथ-साथ सर्जरी के बाद रिकवरी, शारीरिक क्षमता की बहाली और बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए Physiotherapy Services महत्वपूर्ण हैं।

कुलपति ने KGMU के विभिन्न विभागों में फिजियोथेरेपी सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए स्वतंत्र Physiotherapy Department के गठन की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

फिजियोथेरेपी सुविधाओं और संसाधनों के विस्तार पर जोर

प्रो. के.के. सिंह, डीन, एलाइड एंड हेल्थ साइंसेज ने भी सभी फिजियोथेरेपिस्टों को World Physiotherapy Day की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में फिजियोथेरेपी की आवश्यकता और महत्व पर अपने विचार रखे।

उन्होंने KGMU में फिजियोथेरेपी से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही सेवाओं को मजबूत करने के लिए संस्थागत स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया।

फिजियोथेरेपिस्टों की समस्याओं के समाधान का भरोसा

कार्यक्रम में अतुल मिश्रा, अध्यक्ष, प्रोविंशियल फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने अतिथियों और वक्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने फिजियोथेरेपिस्टों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को मुख्य अतिथि के समक्ष रखा।

इस दौरान मुख्य अतिथि ने फिजियोथेरेपिस्टों को स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपिस्ट स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ जल्द ही औपचारिक बैठक आयोजित करने की बात कही। साथ ही स्वतंत्र फिजियोथेरेपी विभाग के गठन के संबंध में संघ की ओर से प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अपेक्षा व्यक्त की।

25 वर्ष की सेवा पूरी करने पर डा. तेजबीर सिंह सम्मानित

कार्यक्रम में KGMU के वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डा. तेजबीर सिंह को 25 वर्ष की कुशल एवं समर्पित सेवा पूरी करने पर सम्मानित किया गया। KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानन्द ने उन्हें मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

इस अवसर पर फिजियोथेरेपी सेवाओं में उनके दीर्घकालीन योगदान की सराहना की गई।

KGMU CME में फिजियोथेरेपिस्ट और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम के समापन पर डा. के.के. चौधरी, सचिव ने सभी वक्ताओं, अतिथियों, फिजियोथेरेपिस्टों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

CME कार्यक्रम में डा. मन्सूर, डा. रविन्द्र कुमार, डा. प्रणय सिंह, डा. श्रद्धा, डा. रितेश, डा. अनिल, डा. मानवेन्द्र, डा. शिवम, डा. फैज, डा. लवकुश और डा. आकांक्षा सहित बड़ी संख्या में फिजियोथेरेपिस्ट, छात्र-छात्राएं एवं अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।

KGMU में Physiotherapy Services को मजबूत करने पर जोर

World Physiotherapy Day पर आयोजित इस CME कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि फिजियोथेरेपी आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मरीजों के उपचार के बाद Rehabilitation से लेकर Sports Injury Prevention और शारीरिक क्षमता की बहाली तक Physiotherapy की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

KGMU में स्वतंत्र फिजियोथेरेपी विभाग के गठन को लेकर दिया गया आश्वासन कार्यक्रम की प्रमुख चर्चाओं में रहा। इससे संस्थान में फिजियोथेरेपी सेवाओं को और अधिक व्यवस्थित एवं व्यापक बनाने की दिशा में आगे की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

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