उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने ट्रांसफार्मरों से तार और कॉपर निकालकर बेचने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। चौबेपुर पुलिस और स्वाट-सर्विलांस पश्चिम जोन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 164 किलोग्राम एल्युमीनियम तार, 98 किलोग्राम कॉपर बाइंडिंग, तीन ट्रांसफार्मर कॉइल और 68 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह कई जिलों में सक्रिय था और बिजली के ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाकर उनके अंदर मौजूद कीमती सामान निकालकर बेचता था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ग्रामीण इलाकों में लगे ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाता था। खेतों की सिंचाई और घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए लगाए गए इन ट्रांसफार्मरों से तार और कॉपर निकालकर आरोपी उन्हें बेच देते थे। इस तरह की घटनाओं से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के साथ किसानों और स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मामले की जांच के दौरान चौबेपुर पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने कथित गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। बरामद सामान में बड़ी मात्रा में एल्युमीनियम तार और कॉपर बाइंडिंग शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल ट्रांसफार्मरों में किया जाता है। इसके अलावा तीन ट्रांसफार्मर कॉइल और 68 हजार रुपये नकद भी मिले हैं।
इस कार्रवाई की एक अहम बात यह है कि चोरी का सामान खरीदने वाला कबाड़ी भी पुलिस की गिरफ्त में आया है। पुलिस को आशंका है कि ट्रांसफार्मरों से निकाले गए तार और कॉपर को बेचने के लिए गिरोह के सदस्य कबाड़ कारोबार से जुड़े लोगों का सहारा लेते थे। चोरी का माल खरीदने वालों की भूमिका की जांच करना भी ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आ सकती है।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह केवल कानपुर तक सीमित नहीं था। इसके कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ और फतेहपुर समेत अन्य जिलों में सक्रिय रहने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस इन जिलों में हुई ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं से गिरफ्तार आरोपियों के संभावित संबंधों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने किन-किन स्थानों पर वारदात की और चोरी का सामान कहां बेचा जाता था।
यह कार्रवाई चौबेपुर थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 0297/2026 और विद्युत अधिनियम की धारा 136 से संबंधित घटनाओं की जांच के क्रम में की गई। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और बरामद सामान के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाएं बिजली व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने या उसके अंदर का सामान चोरी होने से बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इससे किसानों की सिंचाई, घरेलू कामकाज और स्थानीय कारोबार प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से पता चलेगा कि गिरोह कितनी घटनाओं में शामिल था और चोरी के सामान की खरीद-बिक्री का नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ था।
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