Gold Silver Price: ‘ठहराव’ या ‘बड़ी गिरावट’? क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ
हाल के महीनों में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई छूकर निवेशकों को चौंका दिया था। लेकिन ऐतिहासिक तेजी के बाद अब बाजार में तेज करेक्शन देखने को मिला है।
कीमतें फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। हालांकि, विशेषज्ञ इसे मंदी का संकेत नहीं बल्कि एक “कंसोलिडेशन फेज” मान रहे हैं।
📊 MCX पर सोने की चाल
Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना 1,80,000–1,81,000 रुपये के करीब पहुंचने के बाद करेक्ट होकर 1,55,000–1,60,000 रुपये की रेंज में आ गया।
विशेषज्ञों के अनुसार:
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₹1,45,000–₹1,50,000 के बीच मजबूत सपोर्ट ज़ोन
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यदि कीमत ₹1,60,800 के ऊपर टिकती है, तो अगला लक्ष्य ₹1,65,000–₹1,75,000 हो सकता है
यह संकेत देता है कि लंबी अवधि का ट्रेंड अभी भी सकारात्मक है।
⚡ चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव
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₹2,25,000–₹2,60,000 के बीच सपोर्ट ज़ोन
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रिकवरी होने पर संभावित लक्ष्य ₹3,00,000–₹3,25,000
चांदी सोने की तुलना में अधिक वोलाटाइल होती है — यानी रिटर्न की संभावना ज्यादा, लेकिन जोखिम भी अधिक।
🌍 Global Cues और COMEX का असर
वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतें COMEX पर तय होती हैं।
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सोना $5,500 से गिरकर $5,000–$5,150 की रेंज में
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चांदी $121 से गिरकर $80–$87 के स्तर तक
विशेषज्ञ इसे “प्रॉफिट बुकिंग” मान रहे हैं, न कि लंबे समय के ब्रेकडाउन का संकेत।
🧠 निवेशकों के लिए क्या रणनीति?
✔️ लंबी अवधि के निवेशक
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गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड या ज्वेलरी खरीद के लिए यह बेहतर एंट्री लेवल हो सकता है।
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गिरावट को अवसर के रूप में देखें, घबराएं नहीं।
✔️ ट्रेडर्स
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सपोर्ट ज़ोन पर नजर रखें।
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ब्रेकडाउन या ब्रेकआउट के संकेत पर ही बड़ी पोजीशन लें।
✔️ जोखिम समझें
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सोना अपेक्षाकृत स्थिर
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चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव
🔮 आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह “पॉज” है, “कोलैप्स” नहीं।
लंबी अवधि की कहानी अभी भी मजबूत है, लेकिन वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। निवेशकों को धैर्य और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी जा रही है।



