Global Cues ने बिगाड़ा खेल, Sensex में 1000 अंकों की भारी गिरावट
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ता गया। कमजोर वैश्विक संकेतों और आईटी, धातु व कमोडिटी शेयरों में गिरावट के चलते प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुए।
📉 Sensex और Nifty का हाल
BSE Sensex 1,048.16 अंक (1.25%) गिरकर 82,626.76 पर बंद हुआ। इंट्राडे में यह 82,534.55 तक लुढ़क गया।
वहीं NIFTY 50 336.10 अंक (1.30%) टूटकर 25,471.10 पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 25,444.30 के निचले स्तर तक पहुंचा।
📊 किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट?
सेंसेक्स में प्रमुख गिरावट दर्ज करने वाले शेयर:
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Hindustan Unilever
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Titan Company
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Tata Steel
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Adani Ports & SEZ
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Tata Consultancy Services
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Reliance Industries
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HCL Technologies
वहीं Bajaj Finance और State Bank of India बढ़त में रहे।
📌 बाजार गिरने की बड़ी वजहें
1️⃣ अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से पहले सतर्कता
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले वैश्विक निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
2️⃣ IT सेक्टर पर दबाव
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित बदलावों और श्रम-आधारित मॉडल पर निर्भर कंपनियों में अनिश्चितता के कारण आईटी शेयरों में बिकवाली देखी गई।
3️⃣ मेटल शेयरों में मुनाफावसूली
मजबूत डॉलर इंडेक्स और रूस से जुड़ी खबरों के चलते धातु कंपनियों पर दबाव बढ़ा।
4️⃣ वैश्विक बाजारों में कमजोरी
एशियाई बाजारों—हांगकांग, शंघाई, टोक्यो और सियोल—में गिरावट रही। अमेरिकी बाजार भी गुरुवार को करीब 2% तक फिसले थे।
💰 FII-DII डेटा और क्रूड ऑयल
हालांकि गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 108.42 करोड़ रुपये की खरीदारी की और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 276.85 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, फिर भी बाजार पर दबाव बना रहा।
वैश्विक कच्चा तेल (ब्रेंट क्रूड) 0.32% बढ़कर 67.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
🔮 आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत स्पष्ट नहीं होते और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने और दीर्घकालिक नजरिया रखने की सलाह दी जा रही है।
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