युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले 5वें एशियन पैरा गेम्स 2026 के लिए भारतीय दल को मंजूरी दे दी है। इस दल में कुल 281 सदस्य शामिल होंगे, जिनमें 168 एथलीट, 98 टीम अधिकारी और सपोर्ट स्टाफ तथा 15 दल स्टाफ सदस्य शामिल हैं। एशियाई स्तर पर होने वाले इस बड़े खेल आयोजन में भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। देश को उम्मीद है कि भारतीय पैरा एथलीट अपने शानदार प्रदर्शन से पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत करेंगे।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारतीय दल के 168 एथलीट 11 स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। इन खिलाड़ियों में अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना चुके पैरा एथलीट शामिल हैं। एशियन पैरा गेम्स में खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है। भारतीय दल की मंजूरी के साथ ही खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सपोर्ट स्टाफ की तैयारियां महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई हैं।
इस बार भारतीय दल के ध्वजवाहक के रूप में पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत और भाविना पटेल के नाम सामने आए हैं। प्रमोद भगत पैरा बैडमिंटन में अपनी उपलब्धियों के लिए जाने जाते हैं, जबकि भाविना पटेल ने पैरा टेबल टेनिस में भारत का नाम रोशन किया है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश के पैरा खेलों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं। उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक की भूमिका निभाना किसी भी खिलाड़ी के लिए सम्मान की बात होती है। इससे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ने के साथ भारतीय दल की एकजुटता भी प्रदर्शित होती है।
एशियन पैरा गेम्स एशिया के पैरा खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण बहु-खेल प्रतियोगिता है। इसमें अलग-अलग दिव्यांगता श्रेणियों के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में हिस्सा लेते हैं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी मेहनत, कौशल और खेल भावना दिखाने का अवसर मिलता है। भारत में भी पिछले कुछ वर्षों में पैरा खेलों को लेकर जागरूकता बढ़ी है और भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।
हालांकि, इस बार भारतीय दल में एथलीटों की संख्या पिछले आयोजन के मुकाबले कम बताई गई है। वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए एशियन पैरा गेम्स में भारत की ओर से 303 एथलीटों ने हिस्सा लिया था, जबकि 2026 के लिए मंजूर दल में 168 एथलीट शामिल हैं। दोनों आंकड़ों की तुलना करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि स्वीकृत दल का आकार, शामिल खेलों की संख्या, खिलाड़ियों की पात्रता और चयन संबंधी मानदंड अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए केवल खिलाड़ियों की संख्या के आधार पर भारत की पदक संभावनाओं का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
जापान के आइची-नागोया में होने वाले इस आयोजन में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन देश के पैरा खेलों की प्रगति के लिहाज से अहम रहेगा। खिलाड़ियों के साथ टीम अधिकारी और सपोर्ट स्टाफ भी प्रतियोगिता के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रशिक्षण, रणनीति, फिटनेस और खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अच्छे प्रदर्शन के लिए जरूरी होता है।
भारतीय दल को मंजूरी मिलने के बाद अब खेल प्रेमियों की नजर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रदर्शन पर रहेगी। प्रमोद भगत और भाविना पटेल जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से दल को अनुभव मिलेगा, वहीं अन्य एथलीटों के पास भी अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर होगा। एशियन पैरा गेम्स 2026 भारतीय खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने और अपनी उपलब्धियों से नई पहचान बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
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