विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत को गुरुवार को बड़ा झटका लगा। महिला एकल में पीवी सिंधू और पुरुष एकल में आयुष शेट्टी को प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इन दोनों के बाहर होने के साथ ही टूर्नामेंट के एकल वर्ग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में छठा पदक जीतने का सपना भी टूट गया। उन्हें चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झी यी ने तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 21-11, 15-21, 21-17 से हराया।
मुकाबले की शुरुआत में सिंधू और वांग के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। शुरुआती 14 अंक लगभग बराबरी पर रहे, लेकिन इसके बाद वांग ने लगातार अंक जुटाते हुए पहला गेम अपने नाम कर लिया। सिंधू की कुछ आसान गलतियों का भी उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।
दूसरे गेम में सिंधू ने शानदार वापसी की। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और वांग पर दबाव बनाए रखा। लंबी रैलियों के बीच सिंधू ने अपने स्मैश और नेट प्ले का बेहतरीन इस्तेमाल किया और दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
तीसरे गेम में भी सिंधू ने अच्छी शुरुआत की और शुरुआती बढ़त बनाई। हालांकि वांग ने लगातार वापसी करते हुए मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। मैच के दौरान वांग को पैर में जकड़न की समस्या भी हुई और वह कोर्ट पर गिर गईं, लेकिन मेडिकल टाइमआउट के बाद उन्होंने दोबारा खेल शुरू किया और आखिरकार मुकाबला जीत लिया।
उधर पुरुष एकल में 21 वर्षीय आयुष शेट्टी का सफर भी प्री-क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। दुनिया के 12वें नंबर के खिलाड़ी इंडोनेशिया के खिलाड़ी से उन्हें 21-19, 21-11 से हार मिली। शेट्टी ने इससे पहले गत चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी शी यू की को हराकर बड़ा उलटफेर किया था।
आयुष की हार के साथ पुरुष एकल में भी भारत की चुनौती समाप्त हो गई। इससे पहले लक्ष्य सेन भी टूर्नामेंट से बाहर हो चुके थे। ऐसे में अब भारत की उम्मीदें मुख्य रूप से युगल मुकाबलों पर टिकी हैं।
इसी बीच भारतीय महिला युगल जोड़ी त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। गैर वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में 21-16, 21-12 से मात दी।
यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए खास है, क्योंकि 2015 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के बाद पहली बार किसी भारतीय महिला युगल जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है।
अब त्रीसा और गायत्री के सामने टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की चुनौती होगी। सिंधू और आयुष के बाहर होने के बाद भारतीय प्रशंसकों की नजरें इस जोड़ी पर टिक गई हैं। भारतीय बैडमिंटन के लिए यह दिन मिला-जुला रहा—एकल में निराशा मिली, लेकिन महिला युगल में त्रीसा-गायत्री ने नई उम्मीद जरूर जगा दी है।
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