राजकोट में खेले गए तीसरे और अंतिम युवा एकदिवसीय मुकाबले में भारत अंडर-19 ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 को छह विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। भारत की इस जीत के नायक कप्तान लक्ष्य रायचंदानी रहे, जिन्होंने दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 110 रन की शतकीय पारी खेली। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 255 रन के लक्ष्य को 42वें ओवर में ही चार विकेट खोकर हासिल कर लिया और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पूरी श्रृंखला में अपना दबदबा कायम रखा।
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज जेड हॉलिक ने 87 गेंदों में 12 चौकों की मदद से 87 रन बनाए। वहीं नील पटेल ने 71 गेंदों पर 51 रन की उपयोगी पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के सामने कुछ समय तक मजबूती से बल्लेबाजी की, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर ऑस्ट्रेलिया को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।
भारत की ओर से मोहित उलवा और मनाल चौहान ने शानदार गेंदबाजी की। दोनों ने तीन-तीन विकेट अपने नाम किए। मोहित ने 43 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि मनाल ने 42 रन देकर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इसके अलावा काव्य पटेल ने एक और आर्यन सावसानी ने भी एक विकेट हासिल किया। भारतीय गेंदबाजों के लगातार प्रहार के कारण ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 49.3 ओवर में 254 रन पर सिमट गई।
255 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान लक्ष्य रायचंदानी ने शानदार शुरुआत दिलाई। उनके साथ पारी की शुरुआत करने आए आर्यवीर सहवाग ने 31 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 34 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 58 रन जोड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि सहवाग आठवें ओवर में आउट हो गए और एक बार फिर अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने से चूक गए।
इसके बाद वीके विनीत भी ज्यादा देर मैदान पर नहीं टिक सके और सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन कप्तान लक्ष्य रायचंदानी ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का आत्मविश्वास के साथ सामना किया और धीरे-धीरे भारतीय पारी को जीत की ओर ले गए। उनका साथ कुशाग्र ओझा ने भी बखूबी दिया। ओझा ने 53 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 45 रन की उपयोगी पारी खेली।
सत्रह वर्षीय कप्तान रायचंदानी ने 106 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 110 रन बनाए। उनकी पारी में नौ चौके और तीन छक्के शामिल रहे। उन्होंने न सिर्फ शतक पूरा किया, बल्कि अंत तक क्रीज पर टिके रहकर भारत को आसान जीत तक पहुंचाया। भारतीय टीम ने 42वें ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और आठ से अधिक ओवर शेष रहते छह विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि भारत ने तीन मैचों की पूरी श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया को एक भी मुकाबला जीतने का मौका नहीं दिया। पहले मैच में भारत ने सात रन से जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे मुकाबले में छह विकेट से ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। तीसरे मैच में भी भारतीय टीम ने गेंद और बल्ले दोनों से दमदार प्रदर्शन करते हुए श्रृंखला 3-0 से अपने नाम कर ली।
अब दोनों टीमों के बीच युवा एकदिवसीय श्रृंखला के बाद चार दिवसीय युवा टेस्ट मुकाबलों की बारी है। भारत और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीमें 27 से 30 सितंबर और पांच से आठ अक्टूबर के बीच दो चार दिवसीय युवा टेस्ट मुकाबलों में आमने-सामने होंगी। एकदिवसीय श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास निश्चित रूप से बढ़ा होगा और अब निगाहें आगामी टेस्ट मुकाबलों पर रहेंगी।
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