पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 8वीं पुण्यतिथि के मौके पर दिल्ली में जरूरतमंद लोगों के लिए 25 नई अटल कैंटीन शुरू की गई हैं। इन कैंटीनों में लोगों को महज 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। नई कैंटीनों के शुरू होने के साथ ही दिल्ली में अटल कैंटीनों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने रिमोट कंट्रोल के जरिए 25 नई अटल कैंटीनों का उद्घाटन किया। इस दौरान सरकार की ओर से योजना को जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए राहत देने वाली पहल बताया गया।
सरकार के मुताबिक अटल कैंटीनों का उद्देश्य ऐसे लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, जिनके लिए रोजाना बाहर खाना खरीदना आर्थिक रूप से मुश्किल होता है। खास तौर पर मजदूरों, रिक्शा चालकों, गरीब परिवारों और अन्य जरूरतमंद लोगों को इस योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है।
इन कैंटीनों को ऐसी जगहों के आसपास स्थापित किया गया है जहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद और आम लोग पहुंचते हैं। अस्पतालों, मेट्रो स्टेशनों और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों के आसपास कैंटीन शुरू किए जाने से लोगों को आसानी से सस्ता भोजन उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।
दिल्ली सरकार का दावा है कि महज सात से आठ महीनों के भीतर राजधानी में कुल 100 अटल कैंटीनें शुरू कर दी गई हैं। सरकार की तरफ से इसे अपनी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल किया जा रहा है। इन कैंटीनों के जरिए कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
अटल कैंटीन योजना का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर नई कैंटीनों का उद्घाटन किए जाने से कार्यक्रम का राजनीतिक और भावनात्मक महत्व भी बढ़ गया। कार्यक्रम में वाजपेयी के योगदान और उनके सार्वजनिक जीवन को भी याद किया गया।
महज 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था ऐसे लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है, जो रोजाना की कमाई पर निर्भर रहते हैं। खासकर दिल्ली जैसे महानगर में जहां खाने-पीने की कीमतें आम लोगों के बजट पर असर डालती हैं, वहां कम कीमत पर भोजन मिलने से जरूरतमंदों को सीधा फायदा मिल सकता है।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि कैंटीनों को उन इलाकों में प्राथमिकता के साथ स्थापित किया गया है जहां लोगों की जरूरत ज्यादा है। अस्पतालों के आसपास कैंटीन होने से मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को भी सस्ता खाना मिल सकता है। वहीं मेट्रो स्टेशनों और झुग्गी बस्तियों के पास कैंटीन होने से रोजाना काम करने वाले लोगों के लिए भोजन की सुविधा आसान हो सकती है।
नई 25 कैंटीनों के उद्घाटन के बाद अब सरकार के सामने इनके संचालन और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने की चुनौती भी होगी। लोगों तक सस्ता भोजन पहुंचाने के साथ यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि भोजन साफ-सुथरा और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
फिलहाल 100 अटल कैंटीनों के संचालन के साथ दिल्ली सरकार ने सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने का दावा किया है। आने वाले समय में इन कैंटीनों का लोगों को कितना फायदा मिलता है और योजना किस तरह आगे बढ़ती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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