मुंबई के घाटकोपर में रहने वाले लोगों की ट्रैफिक जाम की परेशानी बढ़ गई है। यहां निर्माणाधीन रोड ओवरब्रिज के डिजाइन में बड़ा बदलाव किया गया है। परियोजना का करीब 30 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अब ब्रिज के कुछ हिस्सों को तोड़कर दोबारा निर्माण की तैयारी की जा रही है। इस बदलाव के चलते स्थानीय लोगों को रोजाना जाम और आवाजाही में देरी का सामना करना पड़ रहा है। अब बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी और महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने इस ब्रिज को टू-टियर यानी दो मंजिला बनाने का फैसला लिया है।
जानकारी के मुताबिक, निर्माणाधीन पुल के डिजाइन में बदलाव के कारण तीन पियर कैप्स को आंशिक रूप से तोड़ा जा रहा है। यह बदलाव परियोजना के लगभग 30 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद किया गया है। ऐसे में निर्माण कार्य की प्रक्रिया में बदलाव और दोबारा काम किए जाने से परियोजना की गति तथा आसपास के यातायात पर असर पड़ रहा है।
घाटकोपर मुंबई का एक व्यस्त इलाका है, जहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना काम, कारोबार और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए आते-जाते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खासकर व्यस्त समय में जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय लग सकता है।
बीएमसी और महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने पुल को दो मंजिला व्यवस्था में बदलने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय यातायात और लंबी दूरी से आने-जाने वाले वाहनों को अलग-अलग स्तरों पर संचालित करना है। इससे दोनों तरह के यातायात को व्यवस्थित करने और सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, डिजाइन में बदलाव के बाद फिलहाल निर्माण स्थल के आसपास लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परियोजना के इस चरण में पहले से बने कुछ हिस्सों को तोड़ने की जरूरत पड़ने से निर्माण प्रक्रिया और जटिल हो गई है। स्थानीय लोगों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस बदलाव के कारण निर्माण कार्य पूरा होने में कितना समय लगेगा और उन्हें रोजाना लगने वाले जाम से राहत कब मिलेगी।
टू-टियर ब्रिज की योजना पूरी होने के बाद घाटकोपर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। लेकिन इसके लिए निर्माण कार्य को निर्धारित समय में पूरा करना, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और निर्माण के दौरान वैकल्पिक यातायात प्रबंधन करना जरूरी होगा।
फिलहाल, घाटकोपर के लोग जाम से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि बीएमसी और एमआरआईडीसी बदले हुए डिजाइन के अनुसार निर्माण कार्य को किस गति से आगे बढ़ाते हैं और स्थानीय लोगों को यातायात की परेशानी से कब तक राहत मिल पाती है।
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