Thursday, September 3, 2026
Homeताजा खबरघूस ले रहे थे BMC के इंजीनियर और कर्मचारी, ACB ने यूं...

घूस ले रहे थे BMC के इंजीनियर और कर्मचारी, ACB ने यूं बिछाया जाल और दबोचा

मुंबई में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB ने बृहन्मुंबई नगर निगम BMC के एक जूनियर इंजीनियर और एक कर्मचारी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक बेकरी मालिक से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ जाल बिछाया।

मामला सामने आने के बाद ACB अधिकारियों ने शिकायतकर्ता की मदद से आरोपियों को पकड़ने की रणनीति तैयार की। अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता बेकरी का मालिक है और उससे कथित तौर पर रिश्वत की रकम की मांग की गई थी। शिकायत के आधार पर ACB ने आगे की कार्रवाई की और आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप ऑपरेशन चलाया।

बताया जा रहा है कि ट्रैप के दौरान BMC के जूनियर इंजीनियर पाटिल को शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, ACB की टीम ने मौके पर कार्रवाई कर आरोपी को दबोच लिया। इसके बाद जांच का दायरा दूसरे आरोपी तक भी पहुंचाया गया।

ACB अधिकारियों ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए BMC के कर्मचारी नीरव कुमार को भी उसके कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने दोनों आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित रिश्वत की मांग किस काम के बदले की गई थी और इस पूरे मामले में दोनों आरोपियों की क्या भूमिका थी।

कार्रवाई के दौरान ACB को एक और अहम जानकारी मिली। अधिकारियों ने BMC कर्मचारी के पास से 2.78 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की। इतनी बड़ी मात्रा में कैश मिलने के बाद जांच एजेंसी अब इस रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल को लेकर भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, बरामद रकम का रिश्वत की 60 हजार रुपये की रकम से सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस कार्रवाई से एक बार फिर सरकारी विभागों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। ACB की कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने सीधे ट्रैप ऑपरेशन के जरिए कथित रिश्वतखोरी को पकड़ने की कोशिश की। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की सूचना के आधार पर जांच एजेंसी पहले तथ्यों की पुष्टि करती है और फिर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करती है।

अब ACB दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या रिश्वत की मांग केवल इसी मामले तक सीमित थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था। साथ ही बरामद 2.78 लाख रुपये की नकदी को लेकर भी जांच की जा रही है।

फिलहाल जूनियर इंजीनियर पाटिल और BMC कर्मचारी नीरव कुमार पर रिश्वत मांगने और लेने के आरोप हैं। ACB की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में यह स्पष्ट होगा कि दोनों की भूमिका कितनी बड़ी थी और बरामद नकदी का वास्तविक स्रोत क्या है। इस कार्रवाई ने BMC के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई को लेकर एक बार फिर ध्यान खींचा है।

Loading

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!
🔴
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक लखनऊ गोमती नगर में सम्पन्न हुई • गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आम आदमी पार्टी की तिरंगा पदयात्रा • डॉ. नेहा सोलंकी को मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र