दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच अब आंदोलन की दिशा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कुछ वीडियो और रिपोर्टों में धार्मिक नारेबाजी तथा पारंपरिक हथियार लिए कुछ लोगों की मौजूदगी के दावे सामने आने के बाद प्रदर्शन के स्वरूप पर सवाल उठ रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर कुछ लोगों द्वारा धार्मिक नारे लगाए गए और कुछ व्यक्तियों को पारंपरिक हथियारों के साथ देखा गया। इन घटनाओं के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या मूल मुद्दे से ध्यान भटक रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसी गतिविधियां पूरे प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करती हैं या केवल कुछ लोगों तक सीमित थीं।
बताया जा रहा है कि आंदोलन की शुरुआत NEET-UG पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हुई थी। लेकिन हाल के घटनाक्रम के बाद प्रदर्शन के स्वरूप और उसके मूल उद्देश्य को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुधवार रात प्रदर्शन स्थल पर लाउडस्पीकर के माध्यम से धार्मिक नारे लगाए गए, जिसके बाद मौजूद भीड़ के एक हिस्से ने भी उनका समर्थन किया। इन दावों के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर तनाव और झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। वहीं, प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी चिंता जताई है।
इस पूरे घटनाक्रम पर अलग-अलग संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि आंदोलन को अपने मूल मुद्दे पर केंद्रित रहना चाहिए, जबकि अन्य पक्ष इन आरोपों से सहमत नहीं हैं।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मामले से जुड़े विभिन्न दावों और आरोपों की पुष्टि संबंधित एजेंसियों की जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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