रिपोर्ट: नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस के नए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने पदभार संभालते ही अपने इरादे साफ कर दिए हैं। पहली ही उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, आपराधिक संलिप्तता और अनुशासनहीनता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कम्युनिटी पुलिसिंग, जनता के साथ बेहतर संवाद और ट्रैफिक व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
पहली बैठक में दिया सख्त संदेश
पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक में डीसीपी, ज्वाइंट सीपी और स्पेशल कमिश्नर स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अनुराग कुमार ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास बनाए रखना है। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करने की अपील की।
‘पैसे देकर पोस्टिंग ली तो ईमानदारी कैसे होगी?’
बैठक के दौरान अनुराग कुमार ने एक सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी पैसे देकर किसी पद पर तैनाती हासिल करता है, तो उससे ईमानदारी और निष्पक्षता की उम्मीद करना मुश्किल है। उन्होंने साफ किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अपराधियों से किसी भी तरह का संबंध नहीं
नए पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिल्ली पुलिस का कोई भी कर्मचारी संगठित अपराध, गैंग या किसी भी आपराधिक गतिविधि से जुड़ा नहीं होना चाहिए। उन्होंने हाल के उन मामलों का भी उल्लेख किया जिनमें कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से पूरे पुलिस विभाग की छवि प्रभावित होती है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने पर जोर
अनुराग कुमार ने दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि अवैध अतिक्रमण और अनियमित पार्किंग कई इलाकों में जाम की प्रमुख वजह हैं। यदि कहीं पुलिस की मिलीभगत की शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कम्युनिटी पुलिसिंग पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों से पूछा कि वे पुलिस सेवा में क्यों आए हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि पुलिस का मूल उद्देश्य जनता की सेवा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आम लोगों से नियमित संवाद करें, उनकी समस्याएं सुनें और शिकायतों का समय पर समाधान करें। उनका मानना है कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाना कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
सिविल लाइंस थाने का औचक निरीक्षण
बैठक के बाद अनुराग कुमार ने सिविल लाइंस थाने का अचानक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से पुलिसकर्मियों में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने की व्यवस्था का जायजा लिया और वहां मौजूद शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। इस कदम को पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निष्कर्ष
दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर अनुराग कुमार ने अपने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया है कि उनका फोकस भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई, बेहतर कानून व्यवस्था, ट्रैफिक सुधार और जनता के साथ मजबूत संवाद पर रहेगा। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनके निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखाई देता है और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।
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