लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज के प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने राहत एवं बचाव व्यवस्था तेज कर दी है। लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी0 और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने नाव के माध्यम से फैजुल्लागंज के जलभराव प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति, राहत-बचाव कार्यों, नागरिकों के आवागमन और उपलब्ध कराई जा रही आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और संयुक्त पुलिस आयुक्त ने प्रभावित नागरिकों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं तथा तत्काल जरूरतों की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को आवश्यक दवाएं और दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुएं भी उपलब्ध कराई गईं।

गोमती नदी के बढ़े जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट
गोमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच फैजुल्लागंज में प्रशासन ने निगरानी और राहत व्यवस्था को सक्रिय रखा है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल समाधान कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि जलभराव प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
फैजुल्लागंज में 3 बाढ़ राहत शिविर और कंट्रोल रूम स्थापित
अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी ने बताया कि फैजुल्लागंज के प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से तीन बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। स्थिति की निगरानी और प्रभावित नागरिकों की शिकायतों एवं जरूरतों के त्वरित समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं। जरूरतमंद नागरिकों को चिकित्सकीय सहायता और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

राहत और बचाव के लिए 24 नावें, 10 अतिरिक्त नावों की होगी व्यवस्था
उप जिलाधिकारी सदर ने बताया कि फैजुल्लागंज के प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों और नागरिकों के आवागमन के लिए 24 नावों की व्यवस्था की गई है। आपात स्थिति में तत्काल बचाव कार्य के लिए गोताखोरों की भी व्यवस्था की गई है।
स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने 10 अतिरिक्त नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त नावों से राहत सामग्री पहुंचाने, प्रभावित लोगों की सहायता करने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की बनेगी अलग सूची
जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में संवेदनशील नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने बच्चों, वृद्धजनों और गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।
इन लोगों की सूची तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आपात स्थिति में इन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। साथ ही आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा एवं अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सके।
जलभराव वाले इलाकों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव
जलभराव के बाद मच्छरों के प्रजनन की संभावित समस्या को देखते हुए नगर निगम को विशेष सफाई और मच्छर नियंत्रण अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में नावों के माध्यम से नियमित फॉगिंग कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि फॉगिंग के साथ एंटी-लार्वा का छिड़काव भी लगातार कराया जाए, ताकि जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित किया जा सके।

नावों से हटाया जाएगा जलभराव वाले क्षेत्रों का कूड़ा-कचरा
जिलाधिकारी ने जलभराव के कारण पानी में जमा हुए कूड़े-कचरे की नियमित सफाई कराने के भी निर्देश दिए। नगर निगम को आवश्यकता के अनुसार नावों के माध्यम से प्रभावित इलाकों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन का फोकस जलभराव से प्रभावित नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों को कम करने पर भी है।
फैजुल्लागंज में शिफ्टवार अधिकारियों की तैनाती
प्रभावित क्षेत्र में स्थिति की लगातार निगरानी के लिए प्रशासन ने अधिकारियों की अलग-अलग शिफ्ट में तैनाती की है। फैजुल्लागंज में तीन अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर के अधिकारियों की टीमें तैनात की गई हैं।
इन अधिकारियों की टीमें क्षेत्र में जलभराव की स्थिति, राहत कार्यों और नागरिकों की आवश्यकताओं की लगातार निगरानी करेंगी तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।
प्रशासन ने राहत कार्यों में तेजी के दिए निर्देश
फैजुल्लागंज में स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। प्रभावित नागरिकों तक जरूरी दवाएं, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी, उप जिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर, नगर निगम के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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