Lucknow Flood News: गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर के चलते लखनऊ के बीकेटी तहसील क्षेत्र के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थिति का जायजा लेने के लिए लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी0 और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने नाव के माध्यम से बीकेटी के प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान को तेज करते हुए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। लोगों के आवागमन और जरूरी सामान की आपूर्ति के लिए 30 से अधिक नावें संचालित की जा रही हैं, जबकि प्रभावित नागरिकों के लिए चार राहत शिविर एवं सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।

बीकेटी के लासा, बहादुरपुर और अकड़िया मऊ में जलभराव
गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि का असर बीकेटी तहसील के लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मऊ समेत आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। इन इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी बढ़ा दी है।
जिलाधिकारी विशाख जी0 ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित नागरिकों को किसी भी आवश्यक सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त नावों की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में फंसे या जलभराव से प्रभावित लोगों तक भोजन, राशन, दवाएं, सुरक्षित पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाना है।
लखनऊ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 30 से अधिक नावें तैनात
बीकेटी क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 30 से अधिक नावों का संचालन किया जा रहा है। इन नावों का उपयोग लोगों के आवागमन के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि यदि किसी प्रभावित क्षेत्र में नावों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता हो तो अतिरिक्त नावों की तत्काल व्यवस्था की जाए। प्रशासन द्वारा जमीनी स्थिति के आधार पर संसाधनों को बढ़ाने की व्यवस्था रखी गई है।
बीकेटी में चार राहत शिविर और सहायता केंद्र स्थापित
जलभराव से प्रभावित लोगों के लिए बीकेटी क्षेत्र में चार राहत शिविर एवं सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन राहत शिविरों में राजस्व, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी 24 घंटे तैनात हैं।
राहत शिविरों में रह रहे लोगों को भोजन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन द्वारा शिविरों की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो।

राहत सामग्री भंडारण केंद्र का डीएम ने किया निरीक्षण
जिलाधिकारी ने राहत शिविरों के साथ आपदा राहत सामग्री भंडारण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने राहत सामग्री के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मैनुअल वितरण के माध्यम से भी जरूरतमंद परिवारों को राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रभावित परिवारों को ड्राई राशन किट का वितरण
बाढ़ और जलभराव से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्रशासन द्वारा ड्राई राशन किट उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। राहत शिविरों में रह रहे लोगों को पका हुआ भोजन दिया जा रहा है।
वहीं, गांवों में रह रहे ऐसे परिवार जिनकी आजीविका जलभराव के कारण प्रभावित हुई है, उन्हें भी राहत किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री समय से पहुंचाना है।
स्वास्थ्य विभाग बांट रहा दवाएं और क्लोरीन टैबलेट
जलभराव के बीच स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित परिवारों को आवश्यक दवाओं की किट और क्लोरीन टैबलेट्स उपलब्ध करा रही हैं।
क्लोरीन टैबलेट का वितरण सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मौजूद रहकर लोगों की आवश्यकताओं के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
पशुओं के लिए चारा और भूसे की व्यवस्था
बीकेटी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन की ओर से इंतजाम किए गए हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में लगातार सक्रिय हैं।
पशुओं के उपचार के साथ हरे चारे और भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पशुपालकों को चारे या पशु चिकित्सा संबंधी किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।
डीएम ने अधिकारियों को दिए 24 घंटे निगरानी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विशाख जी0 ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर और बीकेटी के जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने तथा स्थानीय नागरिकों से संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। आवश्यकता सामने आने पर अतिरिक्त नाव, राहत सामग्री, भोजन, दवाएं और अन्य संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया।
24 घंटे अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन और पुलिस
लखनऊ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा बीकेटी के प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी की जा रही है। संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव से जुड़े आवश्यक संसाधनों को सक्रिय रखा गया है।
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा, आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता और समय पर राहत पहुंचाना प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उप जिलाधिकारी बीकेटी, तहसीलदार बीकेटी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, आपूर्ति विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
गोमती नदी जलस्तर और बीकेटी बाढ़ से जुड़े प्रमुख अपडेट
- गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से बीकेटी के कई क्षेत्रों में जलभराव।
- लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मऊ प्रभावित।
- राहत एवं बचाव कार्य के लिए 30 से अधिक नावें संचालित।
- बीकेटी में चार राहत शिविर एवं सहायता केंद्र स्थापित।
- प्रभावित लोगों के लिए पके भोजन की व्यवस्था।
- जरूरतमंद परिवारों को ड्राई राशन और राहत किट उपलब्ध कराने की तैयारी।
- स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवाएं और क्लोरीन टैबलेट वितरित।
- पशुओं के लिए हरा चारा और भूसा उपलब्ध कराया जा रहा।
- जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड पर।
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