दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की सुबह तेज बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। तड़के हुई झमाझम बारिश और गरज के साथ राजधानी के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गर्मी से राहत मिलने के साथ दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। सबसे खास बात यह रही कि अक्टूबर महीने में हुई बारिश ने पिछले चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सफदरजंग मौसम केंद्र में 24 घंटे के दौरान 41.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, दिल्ली के एक अन्य मौसम केंद्र रिज में बारिश का आंकड़ा 49 मिलीमीटर तक पहुंच गया। इस बदलाव के बाद अब मौसम और वायु गुणवत्ता पर लोगों की नजर बनी हुई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में सफदरजंग मौसम केंद्र पर 41.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। अक्टूबर महीने में इससे अधिक बारिश इससे पहले 9 अक्टूबर 2022 को दर्ज की गई थी। उस दिन सफदरजंग केंद्र में लगभग 74 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस तरह सोमवार को हुई बारिश ने अक्टूबर में पिछले चार वर्षों के दौरान दर्ज बारिश के आंकड़ों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बनाया।
दिल्ली में बारिश का असर अलग-अलग इलाकों में भी देखने को मिला। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रिज मौसम केंद्र में सबसे अधिक 49 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद सफदरजंग में 41.6 मिलीमीटर, लोधी रोड में 41.4 मिलीमीटर, अयानगर में 39 मिलीमीटर और पालम में 31 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि राजधानी के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई, हालांकि अलग-अलग स्थानों पर इसकी मात्रा में अंतर रहा।
सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच बारिश की स्थिति में बदलाव दिखाई दिया। इस अवधि में रिज मौसम केंद्र पर 1.4 मिलीमीटर अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई। वहीं, सफदरजंग, पालम, लोधी रोड और अयानगर में इस दौरान कोई अतिरिक्त बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई। यानी सुबह हुई बारिश के बाद दिन के बाकी हिस्से में राजधानी के अधिकांश प्रमुख मौसम केंद्रों पर बारिश थमी रही।
तेज बारिश का सबसे स्पष्ट असर तापमान पर देखने को मिला। बारिश के बाद दिल्ली का तापमान सामान्य से नीचे चला गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। अक्टूबर के महीने में मौसम में इस तरह का बदलाव राजधानी के लिए खास रहा। बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ी और कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने से मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हुआ। हालांकि, तापमान में आगे कितना बदलाव होगा, यह आने वाले दिनों के मौसम पर निर्भर करेगा।
इस बारिश के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार भी चर्चा का विषय रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 83 दर्ज किया गया। यह इस महीने पहली बार संतोषजनक श्रेणी में पहुंचने का संकेत था। वायु गुणवत्ता सूचकांक हवा में मौजूद प्रदूषकों के स्तर को समझने का एक पैमाना है। इसके जरिए यह आकलन किया जाता है कि हवा लोगों के स्वास्थ्य के लिए कितनी अनुकूल या प्रतिकूल हो सकती है।
बारिश के बाद हवा में मौजूद कुछ प्रदूषक कण अस्थायी रूप से कम हो सकते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार दिखाई देता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रदूषण की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। हवा की गुणवत्ता पर वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक गतिविधियां और मौसम की परिस्थितियां भी असर डालती हैं। इसलिए एक दिन एक्यूआई में सुधार होने के बाद भी लगातार निगरानी जरूरी रहती है।
दिल्ली-एनसीआर में अक्टूबर के दौरान मौसम का यह बदलाव ऐसे समय देखने को मिला, जब राजधानी में तापमान और प्रदूषण दोनों पर नजर रखी जा रही है। तेज बारिश ने एक ओर तापमान को नीचे लाने में मदद की, तो दूसरी ओर हवा की गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज हुआ। हालांकि, बारिश का प्रभाव कितने समय तक बना रहेगा, इसका आकलन मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान और वायु गुणवत्ता के अगले आंकड़ों से ही किया जा सकेगा।
राजधानी के अलग-अलग मौसम केंद्रों पर दर्ज बारिश के आंकड़े यह भी बताते हैं कि किसी एक इलाके का मौसम पूरे दिल्ली-एनसीआर की स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाता। कुछ स्थानों पर अधिक बारिश हुई, जबकि अन्य इलाकों में इसकी मात्रा अपेक्षाकृत कम रही। इसी तरह तापमान और वायु गुणवत्ता में भी क्षेत्र के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए मौसम की जानकारी लेते समय अपने इलाके के स्थानीय पूर्वानुमान पर ध्यान देना जरूरी है।
फिलहाल, सोमवार की बारिश ने दिल्ली के मौसम में बड़ा बदलाव दर्ज कराया है। अक्टूबर में चार साल बाद इतनी बारिश होने, तापमान सामान्य से नीचे जाने और औसत एक्यूआई के 83 तक पहुंचने से राजधानी के लोगों को मौसम और हवा, दोनों के मोर्चे पर राहत मिली। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह राहत कितनी देर तक कायम रहती है और मौसम विभाग राजधानी के लिए क्या पूर्वानुमान जारी करता है।
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