आईनॉक्स विंड लिमिटेड को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन यानी IOC से 100 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना के लिए 755 करोड़ रुपये का बड़ा ठेका मिला है। कंपनी ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह कॉन्ट्रैक्ट पूर्ण परियोजना आधार पर दिया गया है। यानी आईनॉक्स विंड को केवल पवन टर्बाइन की सप्लाई ही नहीं करनी होगी, बल्कि परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण कामों की जिम्मेदारी भी कंपनी संभालेगी।
इस ठेके में पवन टर्बाइन जनरेटर की आपूर्ति से लेकर इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण यानी EPC, परियोजना का क्रियान्वयन और प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद लंबे समय तक परिचालन एवं रखरखाव यानी O&M सेवाएं भी शामिल हैं। इस तरह 755 करोड़ रुपये का यह ऑर्डर आईनॉक्स विंड के लिए सिर्फ एक सामान्य सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, बल्कि कंपनी को पूरी पवन ऊर्जा परियोजना के लिए एकीकृत समाधान उपलब्ध कराने का अवसर देता है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों में से एक है। ऐसे में IOC से मिला यह ऑर्डर आईनॉक्स विंड के लिए कारोबारी और रणनीतिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी का मानना है कि इस समझौते से उसके ग्राहक आधार में और मजबूती आएगी और देश के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में उसकी स्थिति मजबूत होगी।
आईनॉक्स विंड के ग्राहक आधार में पहले से ही कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यानी C&I ग्राहक, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम यानी PSU और स्वतंत्र बिजली उत्पादक यानी IPP शामिल हैं। IOC जैसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के ग्राहक से मिला ऑर्डर इस पोर्टफोलियो को और मजबूत करने में मदद कर सकता है। इससे कंपनी को भविष्य में बड़े संस्थागत और कॉर्पोरेट ग्राहकों के साथ काम करने के नए अवसर भी मिल सकते हैं।
आईनॉक्सजीएफएल समूह के नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार के समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी कैलाश ताराचंदानी ने इस ऑर्डर को लेकर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि कंपनी को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से 100 मेगावाट का यह ठेका मिलने की खुशी है। उन्होंने इंडियन ऑयल को महारत्न कंपनी और देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम विपणन कंपनी बताया।
इस पूरे सौदे की खास बात यह है कि आईनॉक्स विंड के पास पवन ऊर्जा परियोजना के अलग-अलग चरणों को संभालने की क्षमता मौजूद है। कंपनी टर्बाइन की आपूर्ति के साथ-साथ परियोजना विकास, इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण तथा लंबी अवधि के परिचालन एवं रखरखाव जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है। यानी प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर उसके संचालन तक कंपनी की भूमिका बनी रहती है।
भारत में रिन्यूएबल एनर्जी पर लगातार बढ़ते जोर के बीच पवन ऊर्जा क्षेत्र भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए सोलर और विंड एनर्जी दोनों पर ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे माहौल में बड़े कॉरपोरेट और सार्वजनिक क्षेत्र के ग्राहकों से मिलने वाले प्रोजेक्ट नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों के लिए कारोबार बढ़ाने का महत्वपूर्ण जरिया बन सकते हैं।
आईनॉक्स विंड के लिए यह 755 करोड़ रुपये का ऑर्डर इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे कंपनी को अपने एकीकृत विंड एनर्जी सॉल्यूशन प्रोवाइडर के तौर पर स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। टर्बाइन सप्लाई से लेकर EPC और O&M तक पूरी जिम्मेदारी संभालने की क्षमता कंपनी को प्रतिस्पर्धी बाजार में अलग पहचान देने में मदद कर सकती है।
अब इस प्रोजेक्ट के साथ आईनॉक्स विंड की नजर इसके सफल क्रियान्वयन पर होगी। 100 मेगावाट की यह परियोजना कंपनी के लिए एक बड़े ग्राहक के साथ अपने संबंध मजबूत करने का अवसर है। साथ ही यह ऑर्डर भारत में बढ़ते विंड एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी बाजार में कंपनी की महत्वाकांक्षा को भी दिखाता है। अगर परियोजना तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो इससे आईनॉक्स विंड के कारोबार और भविष्य के ऑर्डर पाइपलाइन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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