मतदेय स्थलों का सम्भाजन 2026 की प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विशाख जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा निर्वाचन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जनपद के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदेय स्थलों के सम्भाजन 2026, पुनर्निर्धारण तथा पुनर्संरचना से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य प्रत्येक मतदान केन्द्र को अधिक सुविधाजनक, सुलभ और मतदाता-अनुकूल बनाना है।
निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार होगा मतदेय स्थलों का सम्भाजन 2026
जिलाधिकारी श्री विशाख ने कहा कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन 2026 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर रहे और मतदान दिवस पर भीड़भाड़ कम हो।
उन्होंने बताया कि मतदान केन्द्रों के पुनर्गठन से मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, मतदान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और चुनाव संचालन में प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।
सभी प्रस्तावित मतदान केन्द्रों का हुआ 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन 2026 शुरू करने से पहले सभी प्रस्तावित मतदान केन्द्रों का 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया गया है।
सत्यापन के दौरान निम्न बिंदुओं का विशेष ध्यान रखा गया—
- भवन की संरचनात्मक स्थिति
- दिव्यांगजन के लिए सुगम पहुंच
- स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की उपलब्धता
- पर्याप्त विद्युत व्यवस्था
- सुरक्षा मानक
- सड़क एवं परिवहन सुविधा
- नवीन आवासीय क्षेत्रों की स्थिति
- मतदान केन्द्र तक मतदाताओं की आसान पहुंच
जिलाधिकारी ने बताया कि जहां भवन जर्जर अथवा निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, वहां वैकल्पिक भवनों का चयन किया गया है।
नए आवासीय क्षेत्रों के लिए बनाए गए नए मतदेय स्थलों के प्रस्ताव
बैठक में बताया गया कि जनसंख्या वृद्धि, नए आवासीय क्षेत्रों के विकास तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए नए मतदेय स्थलों का सम्भाजन 2026 प्रस्तावित किया गया है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मतदाता को मतदान केन्द्र तक पहुंचने में अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो।
राजनीतिक दलों से मांगे गए सुझाव और आपत्तियां
जिलाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे प्रस्तावित मतदेय स्थलों का सम्भाजन 2026 से संबंधित सूची का सावधानीपूर्वक परीक्षण करें।
यदि किसी मतदान केन्द्र के स्थान, भवन, पहुंच मार्ग या अन्य व्यवस्था के संबंध में कोई सुझाव अथवा आपत्ति हो तो उसे निर्धारित समयावधि के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक संशोधन के बाद अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
4 जुलाई 2026 को जारी होगी ड्राफ्ट सूची
बैठक में बताया गया कि निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई 2026 को मतदेय स्थलों का सम्भाजन 2026 की ड्राफ्ट (आलेख्य) सूची प्रकाशित की जाएगी।
यह सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे निर्धारित समय के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकें।
सभी अभ्यावेदनों का परीक्षण करने के बाद अंतिम प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
निष्पक्ष, पारदर्शी और मतदाता-अनुकूल चुनाव की दिशा में बड़ा कदम
जिलाधिकारी श्री विशाख ने कहा कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन 2026 केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की मजबूत आधारशिला है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक मतदाता को सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम मतदान केन्द्र उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों के सुझाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाते हैं, इसलिए प्राप्त प्रत्येक सुझाव का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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