संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद का मुद्दा एक बार फिर सामने आ गया। समुद्री सुरक्षा और दुनिया भर के नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा चल रही थी, तभी पाकिस्तान के एक पत्रकार ने जयशंकर से भारत पर आतंकवाद को लेकर सवाल किया।
बताया जा रहा है कि पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को कथित तौर पर बढ़ावा देने का आरोप लगाया और इसी मुद्दे पर जयशंकर से सवाल किया। इसके जवाब में जयशंकर ने बेहद संक्षिप्त और तीखी प्रतिक्रिया दी।
जयशंकर ने कहा, “एक आतंकी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है? चलिए।” उनके इस जवाब के बाद वहां मौजूद लोगों का ध्यान अचानक भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद के पुराने विवाद की तरफ चला गया।
यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब जयशंकर लाइबेरिया की विदेश मंत्री के साथ समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। कार्यक्रम का फोकस दुनिया के समुद्री मार्गों पर जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर था।
भारत लंबे समय से समुद्री सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मुद्दा बताता रहा है। अलग-अलग संकट वाले इलाकों में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा को लेकर कई देशों के बीच सहयोग की जरूरत पर भी चर्चा होती रही है।
इसी दौरान पाकिस्तानी पत्रकार की ओर से आतंकवाद से जुड़ा सवाल सामने आया। सवाल के बाद जयशंकर ने पाकिस्तान के संदर्भ में अपनी टिप्पणी की और बातचीत आगे बढ़ गई।
इस घटनाक्रम का एक अहम पहलू यह भी है कि भारत और पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। भारत पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान भारत पर अपने यहां आतंकवादी गतिविधियों में भूमिका होने के आरोप लगाता है। दोनों पक्षों के इन दावों को लेकर उनके अपने-अपने आधिकारिक रुख हैं।
संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर जब दोनों देशों से जुड़े सवाल सामने आते हैं, तो उनका असर सिर्फ उस कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहता। ऐसे सवाल अक्सर दोनों देशों के बीच चल रहे कूटनीतिक मतभेदों को फिर से चर्चा में ला देते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में जयशंकर का जवाब बेहद छोटा था, लेकिन आतंकवाद को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच जारी कूटनीतिक टकराव की झलक जरूर दिखाई दी। समुद्री सुरक्षा जैसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय विषय के बीच उठा यह सवाल कुछ ही पलों में भारत और पाकिस्तान के पुराने विवाद का हिस्सा बन गया।
अब इस घटनाक्रम की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र के मंच पर एक बार फिर आतंकवाद को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग दावे और कूटनीतिक रुख सामने आए हैं।
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