होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 172 अंक नीचे चला गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,343 के स्तर पर पहुंच गया।
गिरावट के साथ खुले Sensex और Nifty
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 172.48 अंक की गिरावट के साथ 77,786.41 अंक पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 90.35 अंक टूटकर 24,343.50 अंक पर कारोबार करता नजर आया।
बाजार में शुरुआती कमजोरी के पीछे वैश्विक स्तर पर बने तनाव को प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
Titan और Reliance में दबाव
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में शुरुआती कारोबार के दौरान टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इन्फोसिस के शेयरों में दबाव देखने को मिला।
इन कंपनियों में बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांकों पर भी दबाव बना। दूसरी तरफ कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इंटरग्लोब एविएशन, टेक महिंद्रा, इटर्नल और एनटीपीसी शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ नजर आए।
Foreign Investors ने निकाले 1,000 करोड़ से ज्यादा
बाजार में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 1,002.50 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार की धारणा पर दबाव बन सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब विदेशी पूंजी के प्रवाह और वैश्विक घटनाक्रम पर बनी हुई है।
Hormuz तनाव से क्यों परेशान है बाजार?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव रहने की स्थिति में कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर बाजार में पहले से ही सतर्कता बनी हुई है। ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को लंबे समय तक बंद रखने की चेतावनी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से नियंत्रण को लेकर किए गए दावों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
Brent Crude में भी गिरावट
दिलचस्प बात यह है कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के वायदा भाव में शुरुआती गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 1.22 प्रतिशत गिरकर 87.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए काफी महत्वपूर्ण है। तेल की कीमतों का असर महंगाई, परिवहन लागत और कंपनियों के खर्च पर भी पड़ सकता है।
एशियाई बाजारों का क्या हाल?
एशिया के कई प्रमुख बाजारों में गुरुवार को तेजी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में कारोबार करते नजर आए।
वहीं अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। इसके बावजूद भारतीय बाजार की शुरुआत कमजोर रही।
निवेशकों की नजर अब आगे के कारोबार पर
बुधवार को भी भारतीय बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 187.90 अंक और निफ्टी 35.75 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए थे। ऐसे में गुरुवार के कारोबार में निवेशक वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी खबरों पर नजर रखेंगे।
फिलहाल शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव बना हुआ है। आगे कारोबार बढ़ने के साथ सेंसेक्स और निफ्टी किस दिशा में जाते हैं, यह वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों की खरीद-बिक्री पर निर्भर करेगा।
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