शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) की ओर से मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित ‘तिरंगा विजय रैली’ में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखने को मिली। रैली के दौरान दोनों दलों के नेताओं ने युवाओं की भागीदारी की सराहना की और हाल के घटनाक्रम को लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत बताया। सुबह से हल्की बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक तिरंगा और विभिन्न संदेश लिखे पोस्टर लेकर कार्यक्रम में पहुंचे।
रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि जनता की एकजुटता ने यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में लोगों की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए सरकार पर भी निशाना साधा।
उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में कहा कि किसी भी सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आखिरकार फैसला लेना ही था तो उसमें इतनी देर क्यों की गई। उन्होंने इसे युवाओं की जीत बताते हुए कहा कि देश के छात्रों और युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और उसे पूरे देश का समर्थन मिला।
एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने भी मंच से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कथित रूप से नीट विवाद से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए प्रभावित छात्रों को श्रद्धांजलि दी और सभी से एक मिनट का मौन रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं ने यह दिखा दिया है कि लोकतांत्रिक आंदोलन के माध्यम से भी अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी जा सकती है।
राज ठाकरे ने अपने संबोधन में नई पीढ़ी यानी Gen-Z की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर जिस तरह जागरूकता दिखाई है, वह लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। उनके अनुसार, यह आंदोलन युवाओं की एकजुटता और भागीदारी का उदाहरण बनकर सामने आया है।
कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रही और पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाई। साथ ही उन्होंने अलग-अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी अपनी राय व्यक्त की।
शिवाजी पार्क में आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। लोगों के हाथों में तिरंगा और संविधान से जुड़े संदेश लिखे पोस्टर दिखाई दिए। मंच से कई नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों, युवाओं की भागीदारी और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।
रैली के दौरान पूरे कार्यक्रम का माहौल राष्ट्रध्वज, नारों और भाषणों के बीच उत्साहपूर्ण बना रहा। आयोजकों का कहना था कि यह आयोजन लोकतांत्रिक मूल्यों और युवाओं की भागीदारी को समर्पित था। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम आने वाले समय में राजनीतिक माहौल पर भी असर डाल सकते हैं।
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