भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी को लेकर नया अध्याय शुरू हो गया है। चयन समिति के अध्यक्ष Ajit Agarkar ने आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड श्रृंखला के लिए Shreyas Iyer को टीम इंडिया का नया टी-20 कप्तान नियुक्त किया है। इस फैसले के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर Sanjay Manjrekar ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कप्तानी चयन पर दिलचस्प टिप्पणी की है।
मांजरेकर का मानना है कि Shubman Gill लंबे समय तक भारतीय टी-20 टीम का नेतृत्व करने के लिए मजबूत दावेदार थे। उनके अनुसार गिल के पास कप्तानी के लिए जरूरी क्रिकेटिंग समझ और भविष्य की संभावनाएं मौजूद थीं। हालांकि टीम संयोजन और बल्लेबाजी क्रम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन गई।
मांजरेकर ने एक खेल कार्यक्रम में कहा कि किसी भी कप्तान या उपकप्तान की टीम में जगह पूरी तरह सुनिश्चित होनी चाहिए। उनका मानना है कि भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में पहले से कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं, जिससे गिल की नियमित जगह को लेकर सवाल खड़े हो सकते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारतीय टीम को विदेशी परिस्थितियों में कई महत्वपूर्ण टी-20 मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में गिल को भविष्य के कप्तान के रूप में तैयार किया जा सकता था। लेकिन चयनकर्ताओं ने मौजूदा टीम संतुलन को प्राथमिकता देते हुए श्रेयस अय्यर पर भरोसा जताया।
मांजरेकर के अनुसार श्रेयस अय्यर की सबसे बड़ी ताकत उनकी मध्यक्रम में स्थिर भूमिका है। टीम संयोजन में उनकी जगह स्पष्ट दिखाई देती है, जिससे कप्तान के तौर पर उनकी मौजूदगी अधिक संतुलित मानी गई। यही वजह रही कि कप्तानी की दौड़ में उन्हें बढ़त मिली।
पूर्व बल्लेबाज ने अय्यर की वापसी की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में केंद्रीय अनुबंध से बाहर होने के बाद अय्यर ने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर खुद को फिर से साबित किया। उनकी मेहनत, निरंतरता और नेतृत्व क्षमता ने चयनकर्ताओं का भरोसा जीतने में अहम भूमिका निभाई।
भारतीय क्रिकेट अब नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि श्रेयस अय्यर कप्तान के रूप में टीम इंडिया को किस दिशा में लेकर जाते हैं और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में उनकी रणनीति कितनी सफल साबित होती है।
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