नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को 20 दिनों तक चले उपवास के बाद चिकित्सकीय निगरानी के लिए नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार भर्ती के समय उनकी स्वास्थ्य संबंधी प्रारंभिक जांच में नाड़ी, रक्तचाप और ऑक्सीजन स्तर सामान्य एवं स्थिर पाए गए।
चिकित्सकों द्वारा की गई विस्तृत जांच में उनके शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) तथा पोटैशियम का स्तर सामान्य से कम पाया गया। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य में सुधार और संभावित जटिलताओं से बचाव के लिए उन्हें ड्रिप, आवश्यक दवाएं तथा ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) लेने की सलाह दी।

हालांकि, अस्पताल सूत्रों के अनुसार सोनम वांगचुक ने फिलहाल चिकित्सकों द्वारा सुझाए गए इन उपचारों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और समय-समय पर आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए जा रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि लंबे समय तक उपवास के बाद शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने और पानी की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे मामलों में मरीज की नियमित निगरानी और समय पर उपचार आवश्यक माना जाता है।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों का प्रयास है कि उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, जबकि आगे की चिकित्सा उनकी सहमति और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर तय की जाएगी।
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