ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी की लक्षित हमले में मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। तंगसीरी को होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और रणनीतिक नियंत्रण का मास्टरमाइंड माना जाता था। उनकी मौत के बाद ईरान ने इसे बड़ी सैन्य क्षति बताया है और जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य टकराव का सीधा असर दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
इस बीच अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया। वहीं ईरान ने खारग द्वीप और बंदर अब्बास में सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्र में बड़ा टकराव हो सकता है।
खाड़ी देशों ने भी चिंता जताई है और कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला होगा। पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र जैसे देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष सिर्फ ईरान और अमेरिका का नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक शक्ति संतुलन की लड़ाई बन चुका है। अगर हालात नहीं सुधरे तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
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