शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए B.Ed कोर्स को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। 1-Year B.Ed Course को लेकर चल रही अटकलों पर अब सरकार ने साफ जवाब दे दिया है, जिससे लाखों उम्मीदवारों में असमंजस की स्थिति बन गई है।
दरअसल, Ministry of Education ने 23 मार्च 2026 को लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में स्पष्ट किया कि फिलहाल B.Ed कोर्स की अवधि को एक साल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति National Education Policy 2020 (NEP 2020) के तहत B.Ed कोर्स की अवधि कम करने पर चर्चा चल रही थी।
ड्राफ्ट रेगुलेशंस में National Council for Teacher Education (NCTE) ने प्रस्ताव दिया था कि:
4 साल की ग्रेजुएशन करने वाले छात्र
या पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री होल्डर्स
इनको 1 साल में B.Ed करने का मौका दिया जा सकता है।
सरकार ने क्या कहा?
लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया:
अभी 1-Year B.Ed लागू करने का कोई निर्णय नहीं
मौजूदा सिस्टम फिलहाल जारी रहेगा
इससे साफ है कि 2026 में B.Ed एडमिशन लेने वाले छात्रों को अभी पुराने नियमों के तहत ही पढ़ाई करनी होगी।
B.Ed कोर्स का पुराना और नया सिस्टम
2014 में 1 साल का B.Ed कोर्स बंद कर दिया गया था
2015 में आखिरी बैच पास हुआ
इसके बाद 2 साल का B.Ed अनिवार्य हो गया
अब नियम यह हैं:
3 साल की ग्रेजुएशन → 2 साल का B.Ed
4 साल की ग्रेजुएशन / PG → भविष्य में 1 साल का B.Ed (प्रस्तावित, लागू नहीं)
4 साल का इंटीग्रेटेड टीचिंग कोर्स
NEP 2020 के तहत सरकार ने नया Integrated Teacher Education Program (ITEP) शुरू किया है।
BA-B.Ed
BSc-B.Ed
BCom-B.Ed
खास बात:
2025 में 77 संस्थानों में 6,100 सीटें
2026 में 285 संस्थानों में 22,950 सीटें
यानि सीटों में 350% से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।
छात्रों के लिए क्या मतलब?
फिलहाल 1 साल B.Ed का इंतजार लंबा हो सकता है
2 साल B.Ed या 4 साल इंटीग्रेटेड कोर्स ही विकल्प
नई शिक्षा नीति धीरे-धीरे लागू हो रही है
निष्कर्ष
सरकार के ताजा बयान से साफ है कि 1-Year B.Ed Course अभी लागू नहीं होगा। ऐसे में छात्रों को फिलहाल मौजूदा शिक्षा व्यवस्था के अनुसार ही अपनी तैयारी करनी होगी।
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