रिकॉर्ड बिजली मांग के बीच पावर कारपोरेशन का बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पावर कारपोरेशन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के ओवरलोड होने, बार-बार फुंकने और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अब ओवरलोड ट्रांसफार्मरों पर विशेष चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि भीषण गर्मी के इस दौर में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की होगी सार्वजनिक पहचान
पावर कारपोरेशन के अनुसार जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर बार-बार खराब हो रहे हैं या बिजली आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है, वहां कनेक्टेड लोड और वास्तविक उपयोग किए जा रहे लोड में भारी अंतर पाया गया है। विभाग का मानना है कि कई क्षेत्रों में अवैध बिजली उपयोग और चोरी भी ओवरलोडिंग की बड़ी वजह बन रही है।
अब ऐसे ट्रांसफार्मरों पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनमें स्पष्ट रूप से लिखा होगा:
- ट्रांसफार्मर की स्वीकृत क्षमता कितनी है
- अधिकृत कनेक्टेड लोड कितना है
- वास्तविक लोड कितना बढ़ चुका है
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उपभोक्ताओं को जागरूक करना और बिजली चोरी रोकने में जनसहयोग प्राप्त करना है। विभाग संबंधित क्षेत्रों में जांच अभियान चलाकर अवैध लोड कम कराने की कार्रवाई भी करेगा।
31,824 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग, आगे और बढ़ने के आसार
ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि 24 मई को प्रदेश में 31,824 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग दर्ज की गई, जिसके अनुरूप सफलतापूर्वक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग और बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और लू के चलते लोग पहले से ही परेशान हैं, ऐसे में निर्बाध बिजली आपूर्ति का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें।
आंधी-तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर बहाली के निर्देश
हाल के दिनों में प्रदेश के कई जिलों में आए आंधी-तूफान के कारण बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है। इस पर नाराजगी जताते हुए अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराकर जल्द से जल्द बिजली बहाल की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली बाधित होने की सूचना तत्काल मीडिया और उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाए, ताकि लोगों को सही जानकारी मिल सके और अफवाहों पर रोक लगे।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग और जांच अभियान
पावर कारपोरेशन ने सभी वितरण निगमों को निर्देश दिए हैं कि:
- उपकेंद्रों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग की जाए
- रात में अचानक बढ़ने वाले लोड की निगरानी की जाए
- ट्रांसफार्मर, लाइनों और सब-स्टेशनों की नियमित जांच हो
- ओवरलोडिंग वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाया जाए
अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि बिजली चोरी और अनधिकृत लोड बढ़ाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
1912 शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर
बैठक में उपभोक्ता शिकायत निस्तारण को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। अध्यक्ष ने कहा कि 1912 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए और उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही “झटपट पोर्टल” पर नए बिजली कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदनों का भी तेजी से निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
गर्मी में सामान्य शटडाउन पर रोक
भीषण गर्मी को देखते हुए ऊर्जा विभाग ने सामान्य शटडाउन लेने से बचने के निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष ने कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने, तार टूटने, ट्रिपिंग या फॉल्ट जैसी समस्याओं का बिना देरी समाधान किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने कार्यक्षेत्र में लगातार मौजूद रहें और बिजली आपूर्ति व्यवस्था की व्यक्तिगत निगरानी करें।
मीडिया, जनप्रतिनिधियों और उपभोक्ताओं से बेहतर संवाद के निर्देश
डॉ. आशीष गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनप्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उपभोक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें।
इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर बिजली आपूर्ति, शटडाउन और फॉल्ट से जुड़ी जानकारी साझा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं जाकर समस्याओं का समाधान कराने को कहा गया है।
उन्नाव के अधीक्षण अभियंता पर कार्रवाई
बैठक में उन्नाव में बदले गए ट्रांसफार्मर में तेल न होने की घटना को लेकर सही तथ्य प्रस्तुत न करने पर कड़ी नाराजगी जताई गई। इस मामले में उन्नाव के अधीक्षण अभियंता को एडवर्स एंट्री देने के निर्देश जारी किए गए।
बिलिंग एजेंसियों पर सख्ती, 100% सही बिलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश
इसी दौरान पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार की अध्यक्षता में बिलिंग एजेंसियों की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत मीटर रीडिंग आधारित और पारदर्शी बिल उपलब्ध कराए जाएं। किसी भी प्रकार की गलत या अनुमानित बिलिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खराब प्रदर्शन पर टेरा सॉफ्ट को नोटिस
समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ एजेंसियों ने अनुबंध के अनुसार पर्याप्त मानवबल उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
खराब प्रदर्शन और लापरवाही के कारण मैर्सस टेरा सॉफ्ट को भी संबंधित क्लस्टरों में कमजोर कार्य निष्पादन के लिए नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया।
“सक्सेस स्टोरी मॉडल” पूरे प्रदेश में लागू होगा
मुख्य अभियंताओं (जोन) को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में बिलिंग एजेंसियों की साप्ताहिक समीक्षा करें और गुणवत्ता आधारित बिलिंग सुनिश्चित करें।
इसके अलावा जिन क्षेत्रों में बेहतर बिलिंग व्यवस्था और उत्कृष्ट कार्यप्रणाली देखने को मिली है, उन “सक्सेस स्टोरी मॉडल” को अन्य जिलों में भी लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि पूरे प्रदेश में उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और पारदर्शी बिजली सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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