लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रहरियों के मानदेय और पेंशन में बढ़ोतरी की गई है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये और पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह की गई है। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 68 हजार ग्राम प्रहरियों को लाभ मिलने की बात कही गई है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पुलिस कमिश्नरेट, लखनऊ की ओर से आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मेलन एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस तथा आमजन के बीच समन्वय स्थापित करने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

ग्राम प्रहरी मानदेय बढ़ोतरी से आर्थिक लाभ
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि ग्राम प्रहरी ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांवों में अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा का माहौल बनाए रखने में उनकी भूमिका अहम है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रहरियों के मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की वृद्धि की है। अब उन्हें 2,500 रुपये के स्थान पर 3,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इसी तरह उनकी पेंशन भी 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।
इस बढ़ोतरी को ग्राम प्रहरियों के आर्थिक हितों को मजबूती देने और ग्रामीण सुरक्षा में उनके योगदान को सम्मानित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। हालांकि, बढ़ी हुई राशि के भुगतान की प्रभावी तिथि और संबंधित शर्तों की पुष्टि आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।

ग्रामीण सुरक्षा में ग्राम प्रहरियों की अहम भूमिका
ब्रजेश पाठक ने कहा कि ग्राम प्रहरियों की जिम्मेदारी केवल गांवों में निगरानी रखने तक सीमित नहीं है। वे ग्रामीण समाज और पुलिस प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र के रूप में काम करते हैं। स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी, लोगों से संवाद और समय पर सूचनाएं उपलब्ध कराने के माध्यम से वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों की सतर्कता और सेवा भावना ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। पुलिस और ग्राम प्रहरियों के बीच बेहतर समन्वय से सुरक्षा संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

ग्राम प्रहरी सम्मेलन में कल्याण और सम्मान पर जोर
लखनऊ में आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मेलन एवं सम्मान समारोह के दौरान ग्राम प्रहरियों के योगदान को रेखांकित किया गया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ग्राम प्रहरियों के कार्यों को पहचान देना और उनकी सुविधाओं पर ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहकर पुलिस को महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। उनकी भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों के बीच सुरक्षा का विश्वास कायम करने में भी महत्वपूर्ण है।

सुरक्षित गांव, समृद्ध उत्तर प्रदेश का लक्ष्य
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सुरक्षित गांव और मजबूत कानून-व्यवस्था समृद्ध उत्तर प्रदेश की आधारशिला हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और ग्राम प्रहरियों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्राम प्रहरियों को सम्मान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश के प्रत्येक गांव में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना है। ग्राम प्रहरियों की सक्रियता ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
निष्कर्ष: ग्राम प्रहरियों का मानदेय 3,500 रुपये और पेंशन 1,500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों के कल्याण का महत्वपूर्ण विषय है। इससे प्रदेश के लगभग 68 हजार ग्राम प्रहरियों को लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।
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