गर्मियों में बढ़ती बिजली मांग को लेकर यूपी पावर कॉरपोरेशन की तैयारी
आगामी गर्मियों में प्रदेशवासियों को निर्बाध और मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। लखनऊ स्थित शक्ति भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गर्मी के महीनों में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए अभी से ठोस योजना बनाकर विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
अध्यक्ष ने कहा कि हर वर्ष गर्मियों में बिजली आपूर्ति के नए रिकॉर्ड बनते हैं। जून 2025 में प्रदेश में मांग और आपूर्ति का रिकॉर्ड लगभग 32,068 मेगावाट रहा था। इस वर्ष इससे अधिक मांग की संभावना है, इसलिए बैंकिंग व्यवस्था, दीर्घकालिक अनुबंध और अन्य स्रोतों के माध्यम से पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
बनारस में आरडीएसएस कार्यों में देरी पर सख्त चेतावनी
बैठक में बनारस में आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) के अंतर्गत चल रहे ढांचागत विकास कार्यों की समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था को कड़ी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों में विलंब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों और उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। यदि एक महीने के भीतर प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित संस्था के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा और कानपुर में आरडीएसएस एवं स्काडा परियोजनाओं की समीक्षा
नोएडा और कानपुर में आरडीएसएस तथा स्काडा (SCADA) परियोजनाओं में देरी को देखते हुए वहां कार्यरत संस्थाओं को एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए गए।
इन शहरों में भूमिगत केबिलिंग, विद्युत नेटवर्क का आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत केबिल, कंडक्टर, लाइन और ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि, अनुरक्षण और स्थापना जैसे कार्य किए जा रहे हैं, ताकि बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित हो सके।
नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता पर विशेष जोर
अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आरडीएसएस और स्काडा के अंतर्गत चल रहे सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। यदि किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि आरडीएसएस और स्काडा परियोजनाएं विद्युत वितरण व्यवस्था के आधुनिकीकरण की रीढ़ हैं। इन योजनाओं के माध्यम से नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, भूमिगत केबिलिंग, क्षमता वृद्धि, स्वचालित नियंत्रण प्रणाली और रियल-टाइम मॉनिटरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे तकनीकी हानियों में कमी आएगी, आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलेगी।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
शक्ति भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रबंध निदेशक पंकज कुमार सहित प्रदेशभर की कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि और वितरण निगमों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश में गर्मियों से पहले बिजली आपूर्ति को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। बढ़ती मांग, रिकॉर्ड स्तर की खपत और ढांचागत सुधारों को ध्यान में रखते हुए यूपी पावर कॉरपोरेशन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस वर्ष उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।
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