महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। मोशी इलाके में भारी बारिश के कारण पुराने कचरे का विशाल ढेर अचानक खिसककर एक तीन मंजिला इमारत पर गिर गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया। हादसे के समय भवन के अंदर एक निजी कंपनी के कर्मचारी मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, यह इमारत एक निजी कंपनी के प्रशासनिक कार्यालय के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। संबंधित कंपनी नगर निगम की ओर से कचरा प्रोसेसिंग का कार्य करती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे के समय लगभग 16 कर्मचारी इमारत के भीतर मौजूद थे। इमारत गिरते ही बचाव एजेंसियों को सूचना दी गई और तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पुराने कचरे का ढेर कमजोर हो गया और अचानक इमारत पर आ गिरा। इसी वजह से भवन का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। उन्होंने कहा कि घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही National Disaster Response Force (NDRF), फायर ब्रिगेड, पुलिस, एंबुलेंस और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव अभियान तेजी से चलाया गया और मलबे में फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों के अनुसार सभी कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
पिंपरी-चिंचवड़ के मेयर रवि लांडगे ने बताया कि लगातार बारिश के कारण इलाके में जलभराव की स्थिति बन गई थी। इसी दौरान कचरे का भारी ढेर खिसककर कार्यालय भवन पर गिर गया। उन्होंने कहा कि हादसे के समय कर्मचारी भोजन कर रहे थे। दो कर्मचारी तुरंत बाहर निकल आए, जबकि अन्य कर्मचारियों को राहत दलों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी की मृत्यु नहीं हुई है और सभी सुरक्षित हैं।
भारी बारिश के कारण पुणे और आसपास के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर जलभराव, यातायात बाधित होने और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान कचरा डंपिंग साइटों और ढलान वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। प्रशासन अब इस बात की भी जांच करेगा कि जिस स्थान पर कार्यालय संचालित किया जा रहा था, वहां सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं।
फिलहाल राहत की बात यह है कि समय पर शुरू किए गए बचाव अभियान और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से सभी कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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