Sunday, July 5, 2026
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CM योगी का दावा: पहचान के संकट से निकलकर उत्तर प्रदेश बना देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्था

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पिछले नौ वर्षों में राज्य ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उनके अनुसार, कभी ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में गिने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाने में सफल हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस परिवर्तन का श्रेय सुशासन, प्रभावी प्रशासन, टीमवर्क और आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग को दिया।

मुख्यमंत्री ने यह बातें डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAAM) के नए अत्याधुनिक परिसर के उद्घाटन समारोह में कहीं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन व्यवस्था और जनता की सोच में आए सकारात्मक परिवर्तन का भी प्रतीक है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था। राज्य की छवि पिछड़ेपन, कमजोर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक चुनौतियों से जुड़ी रहती थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति बदली है और उत्तर प्रदेश निवेश, उद्योग, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की सफलता केवल राजनीतिक नेतृत्व से तय नहीं होती, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। नौकरशाही सरकार और जनता के बीच एक मजबूत पुल का काम करती है। जब यह व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करती है, तब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचता है और जनता का विश्वास भी बढ़ता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में हुए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राशन वितरण को लेकर लगातार शिकायतें आती थीं। लेकिन e-PoS मशीनों के उपयोग के बाद व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी है। इससे पात्र लाभार्थियों तक राशन पहुंचाने में आसानी हुई और अनियमितताओं पर काफी हद तक रोक लगी।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक केवल सरकारी कामकाज को आसान बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के जीवन को भी बेहतर बनाने का प्रभावी साधन बन चुकी है। तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ी है और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है।

मुख्यमंत्री ने टीमवर्क को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी और कर्मचारी सकारात्मक सोच के साथ मिलकर काम करेंगे तो बेहतर परिणाम मिलेंगे। वहीं, व्यक्तिगत सोच और नकारात्मक दृष्टिकोण विकास की गति को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की भी अपील की।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश आने वाले समय में प्रशासनिक सुधार, तकनीकी नवाचार और बेहतर सेवा वितरण के माध्यम से विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का प्रयास करेगा। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को लेकर राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। सरकार इसे अपनी उपलब्धि बता रही है, जबकि आर्थिक प्रदर्शन का मूल्यांकन आधिकारिक आंकड़ों और स्वतंत्र विश्लेषणों के आधार पर किया जाता रहेगा। फिलहाल मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सुशासन, तकनीक और टीमवर्क के सहारे उत्तर प्रदेश भविष्य में भी विकास की गति बनाए रखेगा।

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