मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में 8 जुलाई को कलेक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन, लाठीचार्ज और कथित थप्पड़ कांड को लेकर अब मामला अदालत पहुंच गया है। अधिवक्ता अनिल प्रधान ने एससी-एसटी कोर्ट में याचिका दायर कर एसएसपी अविनाश पांडे सहित 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में दलित समाज के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ। याचिकाकर्ता ने अदालत से मामले की जांच कर संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले की सुनवाई के लिए अदालत ने 3 अगस्त की तारीख तय की है। अब इस दिन कोर्ट यह तय करेगा कि याचिका पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 8 जुलाई को मेरठ कलेक्ट्रेट में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया था। इसी दौरान लाठीचार्ज हुआ और एक वीडियो सामने आया, जिसमें तत्कालीन घटनाक्रम के दौरान एसएसपी अविनाश पांडे द्वारा एक अधिवक्ता को थप्पड़ मारने का दावा किया गया था। इस घटना के बाद मामला काफी चर्चा में रहा।
याचिका में एसएसपी अविनाश पांडे समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार, अभद्रता और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से अदालत में अपना पक्ष रखा जाना बाकी है।
फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में अदालत के आदेश और जांच के निष्कर्ष के बाद ही आरोपों की सत्यता और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
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