ब्रजभूमि में होली का रंग चढ़ चुका है। उत्तर प्रदेश के Mathura स्थित Ramanreti Ashram में 21 फरवरी 2026 से होली महोत्सव की भव्य शुरुआत हो चुकी है। यहां परंपरागत अंदाज में गुलाल और फूलों के साथ होली खेली जा रही है, जो श्रद्धालुओं को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रही है।
आकर्षण का केंद्र बनी फूलों की होली
रमणरेती आश्रम की सबसे खास पहचान यहां की फूलों की होली है।
इस दौरान रंगों के साथ-साथ पुष्पवर्षा की जाती है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
गुलाल की हल्की बौछार, फूलों की बारिश और भजन-कीर्तन से आश्रम का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग जाता है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस अद्भुत नज़ारे का हिस्सा बन रहे हैं।
ब्रज में 40 दिनों तक चलता है होली उत्सव
ब्रज क्षेत्र में होली का उत्सव करीब 40 दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत बसंत पंचमी से होती है। मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में यह परंपरा विशेष महत्व रखती है।
रमणरेती आश्रम का आयोजन भी इसी ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा है, जहां रंगों के साथ भक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
21 फरवरी से शुरू हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। सुबह से ही आश्रम परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो जाती है।
भजन, आरती और रंग-गुलाल के बीच श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था
होली महोत्सव के दौरान आश्रम प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे शांति और अनुशासन बनाए रखें और आयोजन की गरिमा का सम्मान करें।
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