कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। राज्य के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, बोस इस समय दिल्ली में मौजूद हैं और उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में उनके इस्तीफे को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
17 नवंबर 2022 को हुई थी नियुक्ति
गौरतलब है कि 17 नवंबर 2022 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. सी. वी. आनंद बोस को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया था। उन्होंने 23 नवंबर 2022 को पदभार संभाला था और करीब साढ़े तीन साल तक इस पद पर रहे।
कौन हैं सीवी आनंद बोस
डॉ. सीवी आनंद बोस का जन्म 2 जनवरी 1951 को हुआ था। वह 1977 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रह चुके हैं। प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने कई अहम पदों पर कार्य किया।
राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रशासक के रूप में उन्होंने संस्थान को आधुनिक बनाने के लिए 100 दिनों का विशेष सुधार कार्यक्रम शुरू किया था। इस दौरान संग्रहालय की कई बंद गैलरियों को फिर से खोला गया, प्रदर्शनी और प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक बनाया गया और बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए गए।
इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों का आयोजन करवाया और “पीपल्स म्यूज़ियम” आंदोलन की शुरुआत भी की। खास बात यह रही कि 100 दिनों के लक्ष्य में से अधिकांश सुधार सिर्फ 60 दिनों में ही पूरे कर लिए गए।
चुनाव से पहले क्यों अहम है इस्तीफा
पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में चुनाव से पहले राज्यपाल का इस्तीफा देना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि उनके इस्तीफे के पीछे की आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस फैसले का असर राज्य की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
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