नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इसी कड़ी में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत की और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की।
इसके अलावा जयशंकर ने ओमान के विदेश मंत्री सैयद बदर बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी से भी खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर दोनों नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बातचीत हुई है।
एक सप्ताह में दूसरी बार हुई बातचीत
गौरतलब है कि लगभग एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है जब जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से बात की है। इससे पहले 28 फरवरी को हुई बातचीत में उन्होंने मध्य पूर्व में हाल के घटनाक्रमों को लेकर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की थी।
उसी दिन विदेश मंत्री ने इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार से भी बातचीत की थी और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की थी।
स्थिति पर नजर रख रही है भारत सरकार
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद से भारत लगातार मध्य पूर्व की स्थिति पर नजर रख रहा है। भारत ने कई बार सभी पक्षों से संयम बरतने और विवादों का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की अपील की है।
PM मोदी भी कर रहे हैं स्थिति की समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। हाल ही में उन्होंने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की थी, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी देशों के नेताओं के साथ भी बातचीत की और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर आभार व्यक्त किया।
इसके अलावा उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से भी बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए मिलकर काम करेंगे और कूटनीतिक प्रयासों का समन्वय बनाए रखेंगे।
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