Mandana Karimi ने हाल ही में भारत छोड़ने की बात कहकर बड़ा बयान दिया है। ईरान में चल रहे राजनीतिक हालात और Ali Khamenei की मौत को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है।
एक इंटरव्यू में मंदाना करीमी ने कहा कि उन्हें भारत में अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, जिसके कारण वह खुद को आहत और ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। अभिनेत्री ने बताया कि उनका पूरा परिवार ईरान में रहता है और मौजूदा हालात के कारण उनसे बहुत कम बातचीत हो पाती है।
उन्होंने कहा कि ईरान में हालात इतने खराब हैं कि कई बार परिवार से सिर्फ कुछ सेकंड या मिनट की ही बात हो पाती है। देश में संचार व्यवस्था पर भी काफी असर पड़ा है।
मंदाना ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान की मौजूदा सरकार के अत्याचारों को करीब से देखा है। उनका दावा है कि कई वर्षों से वहां के लोग बदलाव चाहते थे। उन्होंने कहा कि अली खामेनेई की मौत के बाद कई लोग इसे बदलाव की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।
अभिनेत्री ने ईरान के संभावित भविष्य को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर खामेनेई के बाद उनके बेटे को नेतृत्व दिया जाता है तो इससे कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।
भारत छोड़ने के फैसले पर मंदाना ने कहा कि उन्होंने यहां अपना करियर और जीवन बनाया है और भारत ने उन्हें सुरक्षित माहौल भी दिया। लेकिन पिछले कुछ महीनों में उन्हें लगा कि ईरान के मुद्दे पर उन्हें यहां समर्थन नहीं मिला।
मंदाना ने बताया कि वह ईरान के हालातों को लेकर आवाज उठाना चाहती थीं और इसके लिए कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश भी की, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी। इस कारण वह काफी निराश हुईं।
हालांकि अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ईरान वापस नहीं जा सकतीं, क्योंकि उन्हें वहां प्रवेश करने पर लगभग दस साल पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया था।
मंदाना करीमी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग उनकी आलोचना भी कर रहे हैं।
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