संसद में तीखी बहस के बाद लोकसभा ने स्पीकर Om Birla के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया। सत्ताधारी दल Bharatiya Janata Party और उसके सहयोगियों ने प्रस्ताव का विरोध किया, जिसके बाद यह प्रस्ताव गिर गया।
बहस के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने स्पीकर का जोरदार बचाव करते हुए विपक्ष पर संसदीय परंपराओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी पर अमित शाह का पलटवार
बहस के दौरान अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब संसद में बहस का मौका मिलता है तो कांग्रेस नेता अक्सर जर्मनी या इंग्लैंड में दिखाई देते हैं।
शाह ने कहा कि राहुल गांधी यह आरोप लगाते हैं कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जाता, जबकि यह निर्णय स्वयं सांसदों को लेना होता है कि वे बहस में कब भाग लें।
संसद में भाषण के आंकड़ों का जिक्र
गृह मंत्री ने बताया कि 18वीं लोकसभा के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस सांसदों ने कुल 157 घंटे 55 मिनट तक भाषण दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने अवसर मिले तो राहुल गांधी ने खुद इनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया।
अमित शाह ने कहा कि किसी भी स्पीकर ने राहुल गांधी को बोलने से नहीं रोका और लोकसभा को बदनाम करने के लिए गलत जानकारी फैलाना उचित नहीं है।
स्पीकर के पद का किया बचाव
स्पीकर के पद का बचाव करते हुए अमित शाह ने कहा कि विपक्ष द्वारा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने याद दिलाया कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तब उसने कभी भी स्पीकर के खिलाफ ऐसा कदम नहीं उठाया।
शाह ने कहा कि भाजपा ने हमेशा एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाई और संसद की गरिमा को बनाए रखा।
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