भारत और China के बीच चल रहे संवेदनशील रिश्तों के बीच सीमा क्षेत्रों में चीन की गतिविधियां फिर चर्चा में आ गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार चीन अपनी नई पंद्रहवीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत की सीमा से लगे क्षेत्रों में सड़क और परिवहन ढांचे को तेजी से मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह योजना अगले पांच वर्षों में सीमाई इलाकों में सड़क, राजमार्ग और अन्य परिवहन सुविधाओं के व्यापक विकास पर केंद्रित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य दूरस्थ सीमाई क्षेत्रों में प्रशासनिक और सैन्य पहुंच को तेज बनाना है।
अक्साई चिन के समानांतर बनेगा नया राजमार्ग
South China Morning Post की रिपोर्ट के अनुसार चीन शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में लगभग 394 किलोमीटर लंबा नया राजमार्ग बनाने की योजना बना रहा है। यह सड़क तियानशान पर्वत के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने का काम करेगी।
बताया जा रहा है कि यह नया मार्ग उस रणनीतिक सड़क के समानांतर होगा जिसे चीन ने पहले ही Aksai Chin क्षेत्र से होकर बनाया है। अक्साई चिन भारत का वह क्षेत्र है जिस पर चीन का कब्जा है और जहां 1962 के युद्ध के बाद से चीन लगातार बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है।
तिब्बत की ओर जाने वाली सड़कों का होगा उन्नयन
योजना के तहत Tibet की ओर जाने वाले तीन प्रमुख राजमार्गों को भी अपग्रेड किया जाएगा। तिब्बत भारत की सीमा से जुड़ा हुआ संवेदनशील क्षेत्र है, जहां चीन पिछले कई वर्षों से सड़क, रेल और हवाई अड्डों का तेजी से विकास कर रहा है।
सड़कों के उन्नयन से सैनिकों की तैनाती, सैन्य उपकरणों की आपूर्ति और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में काफी सुधार हो सकता है।
2032 तक पूरा करने का लक्ष्य
रिपोर्ट के मुताबिक इस परियोजना के तहत दुशान्जी–कूचा राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इसका काम सितंबर 2025 में शुरू हुआ था और इसे 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रणनीतिक महत्व
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार सीमाई क्षेत्रों में मजबूत सड़क और परिवहन नेटवर्क किसी भी देश की सैन्य क्षमता को काफी बढ़ा देता है। बेहतर सड़कों के जरिए सैनिकों, हथियारों और रसद को कम समय में सीमा तक पहुंचाया जा सकता है।
ऐसे में चीन की यह योजना केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसका स्पष्ट सामरिक महत्व भी बताया जा रहा है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन सीमाई क्षेत्रों में अपना बुनियादी ढांचा तेजी से मजबूत करता है तो इससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर असर पड़ सकता है।
भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पहले से ही कई बार तनाव की स्थिति बन चुकी है। ऐसे में चीन की नई परियोजनाएं भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
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