📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेश के सभी जनपदों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन और सभाएं आयोजित की गईं।
👷♂️ बिजली कर्मचारी, 🧑🔧 जूनियर इंजीनियर, 👨💼 अभियंता और संविदा कर्मियों ने एकजुट होकर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) प्रबंधन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
📩 UPPCL चेयरमैन को पत्र, कर्मचारियों ने उठाए बड़े मुद्दे
संघर्ष समिति ने बताया कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर UPPCL चेयरमैन को 📄 विस्तृत ज्ञापन भेजा गया है।
इस ज्ञापन में ⚠️ कर्मचारियों के खिलाफ हो रही दमनात्मक कार्रवाई को गंभीर बताते हुए सभी फैसलों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है।
📌 यूपी बिजली कर्मचारी आंदोलन: प्रमुख मांगें
UPPCL Protest 2026 के तहत कर्मचारियों ने कई अहम मांगें रखी हैं:
- 📉 मार्च 2023 की हड़ताल के बाद की गई कार्रवाई (निलंबन, निष्कासन, FIR, वेतन रोकना) वापस हो
- 🚫 निजीकरण के विरोध में हो रही छंटनी, ट्रांसफर और विजिलेंस जांच बंद हो
- ⚖️ मई 2025 के अनुशासनात्मक नियम निरस्त किए जाएं
- 🔄 वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर पदों में कटौती रोकी जाए
- 🏠 कर्मचारियों और पेंशनरों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई खत्म हो
- ⛔ सभी निलंबन तुरंत वापस लिए जाएं
- 📅 1 अप्रैल 2026 से प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगे
✊ “उत्पीड़न नहीं सहेंगे” — बिजली कर्मचारियों का ऐलान
प्रदेशभर में आयोजित सभाओं में कर्मचारियों ने साफ कहा कि वे ❌ किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेंगे।
सभी कर्मचारियों ने 🤝 एकजुट होकर शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बिजली कर्मचारी ⚡ प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाए हुए हैं और उपभोक्ताओं को 🔌 निर्बाध बिजली आपूर्ति दे रहे हैं।
इसके बावजूद प्रबंधन की नीतियां 😟 कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित कर रही हैं।
🚨 11 अप्रैल 2026 तक अल्टीमेटम, नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन
संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 📅 11 अप्रैल 2026 तक सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो लखनऊ में केंद्रीय बैठक कर ⚡ प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया जाएगा।
👉 साथ ही यह भी कहा गया:
यदि 📅 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद किसी भी कर्मचारी का ❗ निलंबन किया जाता है, तो उसके विरोध में तुरंत ✊ सामूहिक सत्याग्रह शुरू होगा।
🧾 निष्कर्ष: बिजली आपूर्ति जारी, संघर्ष भी जारी
संघर्ष समिति ने दोहराया कि बिजली कर्मचारी 💡 प्रदेश की जनता को बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
लेकिन ⚠️ निजीकरण और उत्पीड़नात्मक नीतियां किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएंगी।
![]()

