साल 2026 में Kailash Mansarovar Yatra को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। हर साल हजारों लोग भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए यात्रा करते हैं।
हालांकि, असली कैलाश मानसरोवर यात्रा तिब्बत (चीन) क्षेत्र में होने के कारण पासपोर्ट और वीजा की आवश्यकता होती है। लेकिन भारत में भी एक ऐसा विकल्प मौजूद है, जहां श्रद्धालु बिना पासपोर्ट और वीजा के दर्शन कर सकते हैं।
बिना Passport-Visa कैसे करें यात्रा?
भारत में Adi Kailash और Om Parvat की यात्रा एक शानदार विकल्प है।
यह यात्रा पूरी तरह भारत के भीतर होती है
पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं होती
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से यह मार्ग गुजरता है
श्रद्धालु यहां ‘छोटा कैलाश’ और ओम पर्वत के दर्शन कर सकते हैं
आदि कैलाश का महत्व
आदि कैलाश को ‘छोटा कैलाश’ भी कहा जाता है। इसे भगवान शिव का पवित्र धाम माना जाता है। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव देता है।
ओम पर्वत की खासियत
ओम पर्वत की सबसे बड़ी विशेषता इसकी चोटी पर बर्फ से बना ‘ॐ’ का प्राकृतिक चिन्ह है, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है।
यात्रा कब होगी?
यात्रा आमतौर पर मई से सितंबर के बीच होती है
2026 की ऑफिशियल डेट्स जल्द घोषित होंगी
पात्रता (Eligibility)
आयु: 18 से 70 वर्ष
भारतीय नागरिक होना जरूरी
मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
वैध पहचान पत्र
असली कैलाश मानसरोवर यात्रा (तिब्बत रूट)
अगर आप तिब्बत स्थित असली Mount Kailash और मानसरोवर झील जाना चाहते हैं, तो:
पासपोर्ट और वीजा जरूरी
मेडिकल टेस्ट अनिवार्य
चयन प्रक्रिया Ministry of External Affairs द्वारा होती है
निष्कर्ष
अगर आप बिना पासपोर्ट-वीजा के धार्मिक यात्रा करना चाहते हैं, तो आदि कैलाश और ओम पर्वत एक बेहतरीन विकल्प हैं। वहीं असली कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
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